‘ऑपरेशन हार्ड बाल’

अमरीकी  जांच एजेंसी एफ.बी.आई. द्वारा अमरीका के अतिरिक्त कनाडा, यूरोपियन देशों और भारत में अलग-अलग गैंगस्टरों के गिरोहों द्वारा की जा रही कार्रवाईयों से पर्दा उठाया गया है। इस जांच एजेंसी ने भारत, कई यूरोपियन देशों और कनाडा की सरकारी एजेंसियों के सहयोग से कुछ ऐसे ग्रुपों संबंधी अहम जानकारी दी है, जो विगत लम्बी अवधि से अपहरण, हत्या और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। आश्चर्य इस बात का है कि कभी पंजाब और उत्तरी भारत में सक्रिय रहे इन गिरोहों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी गतिविधियों को कैसे और किस सीमा तक बढ़ा लिया है। इन गिरोहों द्वारा प्रतिदिन समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यशील व्यक्तियों को धमकियां दी जाती हैं। पैसे तथा फिरौतियां लेने के लिए और सुपारी लेकर भी हत्या की जाती है और प्रत्येक तरह के नशों की तस्करी भी की जाती है। 
पंजाब में भी यह सिलसिला लगातार चलता रहा है और विदेशों में बैठे पंजाबी परिवार भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इन गैंगस्टरों के विदेशों में सक्रिय ़खालिस्तानी संगठनों के साथ भी गहरे संबंध बने रहे हैं। यह भी आश्चर्यजनक बात है कि वर्ष 2023 में कनाडा में रहते हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा की पहली सरकार के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय अधिकारियों पर आरोप लगाया था। इस मामले पर दोनों देशों के संबंध बुरी तरह बिगड़े रहे थे, परन्तु अब जहां कनाडा की जांच एजेंसियों ने इस हत्या में भारतीय अधिकारियों का हाथ होने से इनकार किया है, वहीं अमरीकी जांच एजेंसी ने इसके लिए जेल में बैठे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और अमरीका में सक्रिय उसके साथी गोल्डी बराड़ पर यह साजिश रचने का आरोप लगाया है। बिश्नोई वर्ष 2015 से गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। उसके विरुद्ध पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली आदि प्रदेशों में हत्या, हत्या की साजिश, जबरन वसूली और अपहरण के दर्जनों ही मामले अदालत में चल रहे हैं, परन्तु इसके बावजूद उसने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने साथी अपराधियों के साथ संबंध बनाए रखे हैं और वह जेल से ही ऐसी प्रत्येक तरह की गतिविधियों को अंजाम देता आ रहा है।
जग्गू भगवानपुरिया ऐसे अलग-अलग अपराधों के तहत गत लम्बी अवधि से जेल में बंद है। उस पर भी दर्जनों ही मामले चल रहे हैं। इस बार वह मार्च, 2025 से असम की जेल में नज़रबंद है। गैंगस्टरों की आपसी लड़ाई में जून, 2025 में उसकी माता की हत्या कर दी गई थी। चाहे अमरीका की पुलिस ने ‘ऑपरेशन हार्ड बाल’ के तहत अब तक लगभग दो दर्जन गिरफ्तारियां की हैं और कुल 37 अपराधियों के विरुद्ध आरोप पत्र भी दायर किए हैं और गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी पर 50 हज़ार डॉलर का इनाम भी रखा है, परन्तु जिस सीमा तक यह जाल यूरोप, कनाडा और अमरीका से होता हुआ ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड तक फैला हुआ है, इस पर पूरी तरह काबू पाना बेहद कठिन प्रतीत होता है। अमरीकी जांच एजेंसी की ओर से उनके द्वारा प्रत्येक तरह के हथियार सप्लाई करने के नैटवर्क का भी खुलासा किया गया है। इन में पिस्तौल, ऑटोमैटिक राइफलें, ए.के. 47 बंदूकों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में बारूद और ग्रेनेड आदि भी शामिल हैं। ये हथियार लेकर हज़ारों की संख्या में देश-विदेश में सक्रिय इनके साथी हमेशा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बने रहे हैं। अमरीका और अन्य देशों में सक्रिय हुईं जांच एजेंसियां फैले इस नैटवर्क की गतिविधियों को किस सीमा तक रोकने में समर्थ होंगी, यह अब देखने वाली बात होगी।

—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

#‘ऑपरेशन हार्ड बाल’