ब्रह्मपुत्र पर चीन के मेदोग बांध परियोजना को लेकर बड़ा खुलासा
बीजिंग, 27 जुलाई - चीन की ब्रह्मपुत्र नदी पर बन रही मेदोग जलविद्युत परियोजना को लेकर एक नई रिपोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस परियोजना के नीचे एक सक्रिय टेक्टोनिक फॉल्ट मौजूद है। इस खुलासे के बाद अब चर्चा इस बात पर तेज हो गई है कि दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना केवल एक इंजीनियरिंग चुनौती नहीं है, बल्कि इससे जुड़े भूवैज्ञानिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक जोखिमों का आकलन कितना मजबूत है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब सवाल यह नहीं है कि चीन इतना बड़ा बांध बना सकता है या नहीं, बल्कि यह है कि क्या उसने इन जोखिमों का पर्याप्त मूल्यांकन किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत लंबे समय से कहता रहा है कि यारलुंग त्सांगपो, यानी ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपरी हिस्से पर चीन की यह परियोजना केवल विकास का मामला नहीं, बल्कि पर्यावरण और रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील है। चीन लगातार इन चिंताओं को खारिज करता रहा और कहता रहा कि परियोजना पूरी तरह वैज्ञानिक आधार पर तैयार की गई है तथा इससे निचले हिस्से के देशों को कोई बड़ा खतरा नहीं होगा। लेकिन अब चीन के ही वैज्ञानिकों के अध्ययन ने इन आशंकाओं को नई मजबूती दी है।

