स्वाइन फ्लू का बढ़ता प्रकोप: दिल्ली में 1770 से ज्यादा मामले
नई दिल्ली, 22 अगस्त - दिल्ली में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के 1770 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा की।
सिंह ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी सरकारी अस्पतालों को इलाज की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण के पैटर्न, प्रभावित इलाकों और संभावित हॉटस्पॉट पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
दिल्ली में एक ही दिन में एच1एन1 के 114 नए मरीज मिले। इससे इस वर्ष अब तक एन1एच1 की पुष्टि हुई मरीजों की संख्या बढ़कर 1,777 हो गई। छह अगस्त तक दिल्ली में एच1एन1 के 1,344 मामले थे। यानी मात्र 14 दिन में 433 नए मामले सामने आए। 20 अगस्त को मिले 114 नए मरीज दिल्ली के किन अस्पतालों में रिपोर्ट हुए हैं, इसका ब्योरा स्वास्थ्य विभाग ने अब तक सार्वजनिक नहीं किया है।
पिछले वर्ष इसी अवधि में 229 मामले थे। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब आठ गुना मामले हो गए हैं। वहीं, एम्स के विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और उमस के कारण इन्फ्लुएंजा के मामले बढ़ सकते हैं। बुजुर्गों और पहले से फेफड़े, हृदय, मधुमेह सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों में संक्रमण गंभीर होने का खतरा अधिक रहता है।
बुजुर्ग और छोटे बच्चों को ज्यादा सावधानी
सर गंगा राम अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. ऋषिकेश देसाई के अनुसार, अस्पताल में मौसमी इन्फ्लूएंजा के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ लोगों में संक्रमण आमतौर पर ठीक हो जाता है, लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। वहीं, संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा रस्तोगी पांडा ने भी इन्फ्लूएंजा और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों में बढ़ोतरी की बात कही।
तेज बुखार और लंबे समय तक खांसी को न करें नजरअंदाज
डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में कई मरीजों में लंबे समय तक रहने वाली खांसी और तेज बुखार देखने को मिल रहा है। वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों में होने वाली सूजन भी कुछ मरीजों में खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने बताया कि एच1एन1 संक्रमण में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

