मांगें पूरी करने की बजाय डरा रही सरकार, कर्मचारियों ने किया आर-पार की लड़ाई का ऐलान
मांगें पूरी करने की बजाय डरा रही सरकार, कर्मचारियों ने किया आर-पार की लड़ाई का ऐलान; 24 अक्टूबर को होगी बड़े आंदोलन की घोषणा
जालंधर : जालंधर में महंगाई भत्ते (डीए) और अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकारी कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल और धरना प्रदर्शन गुरुवार को पूरी तरह सफल रहा। इस दौरान डीसी दफ्तर जालंधर की कर्मचारी यूनियन नेता तेजिंदर सिंह नंगल ने पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों ने कोई गैर-हाजिरी नहीं लगाई है, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत सामूहिक अवकाश (मास लीव) लेकर विरोध दर्ज कराया है। सरकार द्वारा मांगों को मानने के बजाय अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची मांगने का पत्र जारी करना सरासर गलत है।
यूनियन नेता ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ 18 सितंबर को हुई बैठक में 8 फीसदी डीए देने और अक्टूबर के पहले हफ्ते में बाकी मांगों पर दोबारा बैठक बुलाने का वादा किया गया था। हालांकि, अक्टूबर का तीसरा हफ्ता बीत जाने के बावजूद सरकार ने अपना वादा निभाने के बजाय कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी की है। बुधवार को पंजाब के मुख्य सचिव के साथ लगभग तीन घंटे चली बैठक में भी जब किसी भी मांग का लिखित पत्र नहीं सौंपा गया, तो कर्मचारी संगठन के नेता रोष व्यक्त करते हुए बैठक का बहिष्कार कर बाहर आ गए।
तेजिंदर नंगल ने चेतावनी दी कि अगर सरकार का रवैया यही रहा तो आने वाले विधानसभा चुनावों में पंजाब का कर्मचारी वर्ग सरकार को सत्ता से बाहर कर इसका करारा जवाब देगा। उन्होंने बताया कि 21 और 22 अक्टूबर का दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। अब अगले तीखे संघर्ष की रूपरेखा तैयार करने के लिए सांझी तालमेल कमेटी की अहम बैठक 24 अक्टूबर (शनिवार) को बुलाई गई है, जिसमें अगले बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा।

