गम्भीर समस्या-बड़ी चुनौती

विगत दिवस अमन-कानून की गम्भीर होती समस्या के दृष्टिगत पंजाब सरकार की ओर से नशा तस्करों और प्रदेश भर में फिरौती मांगने वाले गिरोहों को नकेल डालने के लिए पूरी तैयारी के साथ ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू किया गया था, जिसे अब तक बड़ी सफलता मिली है। सामने आए तथ्यों ने एक बार तो लोगों को हैरान ज़रूर कर दिया है। पुलिस द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार पहले से ही निर्धारित 2000 से अधिक स्थानों पर छापामारी की गई और वहां से भारी मात्रा में हथियार और नशीले पदार्थ पकड़े गए हैं। ये तथ्य भी सामने आए हैं कि असामाजिक तत्व अति आधुनिक डिज़ीटल ढंग अपना कर अपने अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। इस पक्ष से भी उनकी कार्रवाइयों का पर्दाफाश हुआ है। प्रशासन की सूचना के अनुसार विदेशों में बैठे 61 गैंगस्टरों का पता लगाया गया है और यह भी कि ये कौन-कौन से देश में विचरण करके और पंजाब में अपने गुर्गों के बिछाए जाल से लगातार तालमेल रख कर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और लोगों को फिरौती के लिए धमकियां भी दे रहे हैं। जो उनकी बात नहीं सुनते, उन्हें गोलियां भी मारी जा रही हैं।
हाईकोर्ट भी ऐसी घटनाएं सुन कर बहुत सख्त हो रही प्रतीत होती है। विगत दिवस उन्होंने पंजाब के  पुलिस प्रमुख को तलब करके कड़ी टिप्पणियां की हैं और कहा है कि दिन-दहाड़े लोगों की उपस्थिति में शूटर हत्याएं करते जा रहे हैं। उनके हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे धमकियां देने के बाद अपनी कार्रवाइयां करके फरार हो जाते हैं। हाईकोर्ट ने पुलिस प्रमुख से पिछले पूरे घटनाक्रम की विस्तारपूर्वक रिपोर्ट मांगते हुए एक बार फिर यह कहा है कि विगत अवधि में यदि लारैंस बिश्नोई जैसा गैंगस्टर जेल से अपनी मुलाकात (इंटरव्यू) उजागर करने का हौसला रखता है तो इसकी आंच प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी आती है। चाहे पुलिस प्रमुख द्वारा इसके जवाब में शुरू किए ‘ऑपरेशन प्रहार’ की बात की गई और यह भी बताया गया है कि इस दौरान 3000 से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं। पुलिस को पूरी तरह प्रत्येक पक्ष से चुस्त-दुरुस्त बनाया जा रहा है, परन्तु इसके बावजूद उच्च अदालत ने आगामी दिनों में इस समूचे बिगड़े हालात पर काबू डालने के लिए पुलिस द्वारा किए जा रहे यत्नों का पूरा विवरण मांगा है।
इस समय में कुछ ऐसी बड़ी घटनाएं भी हुई हैं, जिनसे प्रशासन के समक्ष एक बार फिर गम्भीर और बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है। मोहाली की एक अदालत में नशा तस्करी के एक अपराधी की पेशी के बाद दिन-दहाड़े भारी संख्या में लोगों के सामने गोलियां मारने के बाद, इस घटना की ज़िम्मेदारी विदेशों में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गुंदारा द्वारा लेने से, यह समस्या और भी गम्भीर रूप में सामने आई है। इसी तरह कस्बा डेरा बाबा नानक में एक दवाइयों की दुकान के मालिक को दिन-दहाड़े गोलियां मार कर आरोपियों का फरार हो जाना भी गम्भीर विषय है। समाचारों के अनुसार दवाई विक्रेता से विगत लम्बे समय से 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी जा रही थी। उस पर पिछले वर्ष भी बदमाशों द्वारा हमला किया गया था। उस समय उसे पुलिस सुरक्षा भी प्रदान की गई थी। इसकी ज़िम्मेदारी विदेश में बैठे गैंगस्टर जीवन फौजी द्वारा ली गई है।
केन्द्र सरकार भी बिगड़ती हुई इस स्थिति से चिंतित दिखाई दे रही है। विगत दिवस केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2024-25 के दौरान विदेशों में छिपे भारत के 70 से भी अधिक भगौड़ों का पता लगाया था। 27 भगौड़ों को भारत में इंटरपोल द्वारा वापिस भी लाया गया था। अब सैकड़ों अन्यों को भी इस संबंधी रैड नोटिस जारी किए गए हैं। विदेशों तक पहुंच करने के लिए सैकड़ों ही और आवेदन भिन्न-भिन्न देशों को भेजे जा चुके हैं। नि:संदेह अब इन समाज विरोधी गैंगस्टरों का जाल विश्व भर में फैला हुआ है, और वे लोगों के लिए तो जान का खौफ बने हुए हैं, परन्तु इसके साथ-साथ ये आपसी लड़ाइयां (गैंगवार) में भी बुरी तरह उलझे हुए हैं। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार इस समय ज्यादातर गैंगस्टर अमरीका, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, जर्मनी और ब्रिटेन में छिप कर बैठे हैं। यहीं बस नहीं, इन्होंने पाकिस्तान, इटली, इंडोनेशिया, ब्राज़ील, आस्ट्रेलिया, पुर्तगाल, थाइलैंड और मलेशिया में भी अपने अड्डे बनाए हुए हैं।
चाहे पंजाब पुलिस द्वारा विदेशों में बैठे आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले इन गैंगस्टरों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विशेष टीमें और सैल तैयार किए गये हैं परन्तु इसके बावजूद इनकी प्रतिदिन की कार्रवाइयों ने प्रशासन को बड़ी चुनौती दे रखी है। नि:संदेह ऐसे हालात से निपटने के लिए केन्द्र और प्रदेश सरकार को अपने यत्नों को और तेज़ करना पड़ेगा, तथा प्रत्येक स्थिति में इन गैंगस्टरों के फैलाये जाल को खत्म करने का संकल्प लेना होगा, ताकि लोगों पर मंडरा रहे इस आपराधिक ़खतरे से निजात दिलाई जा सके।

—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

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