UP: अब अपराधियों की भी होगी यूनिक आई-डी, पुलिस के पास रहेगा फोटो
आगरा, 21 फरवरी - आगरा पुलिस कमिश्नरेट 50 हजार से अधिक आरोपियों का फोटो, फिंगरप्रिंट और वॉइस सैंपल लेकर एआई आधारित ‘यक्ष’ एप में यूनिक आईडी तैयार करेगी। इससे एक क्लिक पर अपराधी का पूरा रिकॉर्ड मिलेगा और दोबारा अपराध करने पर तुरंत पहचान संभव होगी।
आगरा कमिश्नरेट पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए एआई की मदद ले रही है। सीसीटीवी कैमरों के साथ 3-डी कैमरे तक का प्रयोग किया जा रहा है। अब जल्द ही पुलिस के पास अपराधियों की यूनिक आईडी होगी। आधार की तरह डाटा फीड होगा। घर-घर जाकर आरोपियों के फोटो और फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। इससे एक क्लिक पर अपराधी की जानकारी पुलिस को मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन पर मिल जाएगी।
कमिश्नरेट के नगर जोन में 26673 अपराधी पंजीकृत है। तकरीबन 24 हजार पूर्वी और पश्चिमी जोन में हैं। इनमें 21 श्रेणियों के डकैती, लूट, चोरी, हत्या, धोखाधड़ी, छेड़छाड़, साइबर अपराध, गुंडा, गैंगस्टर आदि के मामलों के अपराधी शामिल हैं। इनका डाटा यक्ष एप पर फीड किया जा रहा है। कई बार चोरी और लूट के मामले में पुलिस को फुटेज मिलने के बाद भी अपराधियों की पहचान करने में समय लग जाता है। इस कारण घटनाओं के खुलासे में देरी होती है।
इसके साथ ही किसी अपराधी के पकड़े जाने पर उसका आपराधिक इतिहास खंगालना भी टेढ़ी खीर होता है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि कमिश्नरेट में 50 हजार से अधिक आरोपी और अपराधी हैं। इन सभी का डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके लिए बीट सिपाही और दरोगा को लगाया गया है। वह आरोपियों के घर जाएंगे। उनकी फोटो खींचेंगे। इसके बाद फिंगर प्रिंट भी दर्ज करेंगे। इससे भविष्य में कभी अपराधी दोबारा अपराध करने पर पकड़े जाएंगे तो बायोमेट्रिक से पता चल जाएगा। इसके माध्यम से हर किसी का एक यूनिक नंबर होगा। उसके घर परिजन की जानकारी भी होगी।

