प्रत्येक वर्ग को सन्तुष्ट करने वाला बजट
स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने इस कार्यकाल का अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस वाले दिन अंतिम बजट पेश करके प्रत्येक वर्ग को खुश और सन्तुष्ट करने का बड़ा यत्न किया है। इस बजट पर आगामी वर्ष 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा के चुनावों का प्रभाव स्पष्ट रूप में देखा जा सकता है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा 2026-27 के लिए कुल 2 लाख, 60 हज़ार, 437 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट पेश किया गया है और इसे सभी गारंटियां पूरी करने वाला बजट करार दिया है। इस बजट के अनुसार राज्य का कुल घरेलू उत्पादन 9,80,635 करोड़ रहने का अनुमान लगाया गया है जो कि पहले से 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्तीय घाटा 4.08 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आर्थिक घाटा कुल घरेलू उत्पादन का 2.06 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। राज्य के सिर पर कुल कज़र् 4,47,754 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
इस बजट की और भी बहुत-सी विशेषताएं हैं, जिनका ज़िक्र हम इस लेख में आगे करेंगे, परन्तु सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में 18 वर्ष से ऊपर उम्र की महिलाओं को 1000 रुपये महीना देने का बहुत समय से इंतजार में रहा अपना वायदा पूरा कर दिया है। यहां यह भी वर्णनीय है कि अनुसूचित जातियों से संबंधित महिलाओं को 1000 के स्थान पर 1500 रुपये महीना दिए जाएंगे। इस योजना का नाम ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ रखा गया है। महिलाओं की रजिस्ट्रेशन करके यह राशि एक अप्रैल से सीधे उनके खातों में डाली जाएगी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट पेश करते हुए यह दावा किया है कि उनकी इस योजना के तहत राज्य की 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ पहुंचेगा। इस योजना के लिए 9300 करोड़ रुपए रखे गए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि देश की ही नहीं अपितु विश्व की यह ऐसी यूनिवर्सल योजना है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या द्वारा राज्य की महिलाओं को लाभ प्राप्त होगा, परन्तु इस योजना के लाभार्थियों में आय कर देने वाली और सांसद और विधायक आदि महिलाओं को बाहर रखा गया है, जबकि सामाजिक सुरक्षा के तहत पैंशन लेने वाली महिलाएं जैसे कि बुढ़ापा पैंशन, विधवा पैंशन, बेसहारा महिला पैंशन, विकलांगता से संबंधित पैंशन आदि लेने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ प्राप्त हो सकेगा। पंजाब सरकार ने इस बजट में समाज के कमज़ोर परिवारों के लिए ‘मेरी रसोई’ नामक एक नई योजना की शुरुआत भी की है, जिसके तहत ़गरीब परिवारों को राशन की प्रत्येक तीन महीने बाद एक किट दी जाएगी, जिसमें 2 किलो चीनी, 2 किलो चने की दाल, एक लीटर सरसों का तेल, 200 ग्राम हल्दी और एक किलो नमक दिया जाएगा। इससे 40 लाख लोगों को लाभ मिलने की सम्भावना प्रकट की गई है।
अपने वायदों और दावों के अनुसार अपने इस अंतिम बजट के अनुसार सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारी राशि रखने की व्यवस्था की है। शिक्षा के क्षेत्र के लिए 19,279 करोड़ रुपए रखे गए हैं, जोकि पिछले बजट के मुकाबले 7 प्रतिशत अधिक हैं। राज्य के सरकारी विश्वविद्यालयों को ग्रांट देने के लिए 1,650 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वित्त मंत्री ने यह भी बताया है कि राज्य में विश्व बैंक की सहायता से स्कूली शिक्षा में बड़े बदलाव लाने के लिए 3500 करोड़ रुपए खर्च करके शिक्षा क्रांति 2.0 शुरू की जाएगी। आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर विश्व-स्तरीय विश्वविद्यालय बनाने की भी घोषणा की गई है। सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 68079 करोड़ रुपए रखे गए हैं और दावा किया गया है कि पिछले वर्ष से यह 23 प्रतिशत ज्यादा राशि है। सरकार ने 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक की मुफ्त बीमा योजना देने का अपना वायदा पुन: दोहराया है। इस उद्देश्य के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वित्त मंत्री ने यह भी बताया है कि राज्य में 143 नए आम आदमी क्लीनिक बनाए जाएंगे और 308 स्वास्थ्य केन्द्रों को अपग्रेड किया जाएगा। इसके लिए 351 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
कृषि और औद्योगिक विकास के लिए भी सरकार द्वारा भारी राशि की व्यवस्था की गई है। कृषि और किसानों की भलाई के लिए 15,333 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसमें 7715 करोड़ रुपये बिजली सबसिडी के लिए होंगे और 600 करोड़ रुपये फसलों के अवशेष का प्रबन्ध करने के लिए रखे गए हैं। राज्य में ब़ागबानी को उत्साहित करने के लिए 1300 करोड़ रुपए का एक अलग प्रोजैक्ट आरम्भ करने की घोषणा की गई है। कृषि विभिन्नता को आगे बढ़ाने के लिए 6 ज़िलों—पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, संगरूर, जालन्धर और कपूरथला को मक्की की कृषि हेतु चयन किया गया है। राज्य में औद्योगिक विकास और पूंजी निवेश और युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लिए 75 हज़ार करोड़ रुपये रखने की व्यवस्था की गई है। यहां यह भी वर्णनीय है कि पिछले दिनों सरकार ने अपनी नई औद्योगिक नीति की भी घोषणा की थी। ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए नाबार्ड की सहायता से 11,901 किलोमीटर लम्बी सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए 2,597 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। राज्य की शेष 19,876 किलोमीटर लम्बी ग्रामीण सड़कों का निर्माण राज्य सरकार, मंडी बोर्ड और पी.डब्ल्यू.डी. आदि विभागों की सहायता से 7,606 करोड़ रुपये खर्च करके करवाएगी। शहरी विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा एक हज़ार करोड़ रुपये रखे गए हैं।
खेलों को उत्साहित करने और खेल ढांचे के निर्माण के लिए भी सरकार ने अपनी वचनबद्धता दोहराई है और इस उद्देश्य के लिए 1,791 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बजट में 6,000 नए खेल मैदान बनाने और 5,000 इनडोर जिम बनाने का वायदा किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश दिवस मनाने और नागरिकों को तीर्थ यात्रा की सुविधा देने की व्यवस्था भी की गई है। इन उद्देश्यों के लिए क्रमश: 100 करोड़ रुपये और 313 करोड़ रुपये रखे गए हैं। राज्य सरकार ने राज्य में नशों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ को पूरी प्रतिबद्धता से जारी रखने का संकल्प लिया है। इस अभियान की बड़ी उपलब्धि का ज़िक्र करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य में 52,331 तस्करों के विरुद्ध 36,686 मामले दर्ज किए गए हैं और 33000 किलो नशीले पदार्थ पकड़े गए हैं।
नि:संदेह आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा पेश किया गया यह बजट बेहद आकर्षक और प्रत्येक वर्ग को कुछ न कुछ देता दिखाई दे रहा है, परन्तु इस बजट के संबंध में बड़ा प्रश्न प्रत्येक के मन में यही आएगा कि सरकार अपने उपरोक्त सभी वायदों और दावों को पूरा करने के लिए आवश्यक स्रोत कहां से जुटाएगी? चाहे अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बार-बार यह दावा किया है कि उनकी सरकार ने अपनी टैक्स उपलब्धियों में प्रत्येक तरह की चोरी और त्रुटियां दूर करके भारी वृद्धि की है। सरकार की और आर्थिक उपलब्धियों में भी पिछली सभी सरकारों के मुकाबले भारी वृद्धि हुई है और सरकार के सभी खर्च वित्तीय ज़िम्मेदारी और बजट मैनेजमैंट (स्नक्त्रक्चरू) की सीमाओं के भीतर ही हैं। फिर भी यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव वाले इस वर्ष में सरकार अपनी ओर से पेश किए गए अनुमानित बजट की भिन्न-भिन्न मदों पर किस तरह और किस सीमा तक अमल करने में समर्थ होती है।

