भारतीय क्रिकेट टीम की शानदार जीत
भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 विश्व कप स्पर्धा को जीत कर न केवल एक ऐतिहासिक क्षण को दोहराया है, अपितु भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद स्थित दुनिया के सबसे बड़े नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाईनल मैच में न्यूज़ीलैंड की टीम को एकपक्षीय रूप से हरा कर कई नये रिकार्ड भी स्थापित किये हैं। विगत कुछ वर्षों से भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व क्रिकेट मानचित्र पर अपना दबदबा बनाये रखा है, और मौजूदा विश्व कप स्पर्धा में भी भारतीय टीम ने लीग मैचों से लेकर सुपर-8 चरण, सेमीफाईनल और फाईनल तक के सफर में एक दक्षिण अफ्रीका को छोड़ कर, शेष सभी टीमों को प्राय: एकपक्षीय मैच बना कर हराया। लीग मैचों में भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी और विश्व कप स्पर्धाओं की एक बड़ी टीम पाकिस्तान को हरा कर देश को पहला उपहार दिया था। अन्तत: पाकिस्तान सुपर-8 धरातल पर इंग्लैंड से पराजित होकर इस विश्व कप स्पर्धा से बाहर हो गया था।
भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 क्रिकेट स्पर्धा को कुल तीसरी बार और लगातार दूसरी बार जीत कर एक नया इतिहास रचा है। विश्व मैचों की स्पर्धा में मेज़बान के तौर पर ट्राफी जीतने वालों में भी भारत पहला देश बन कर उभरा है। विश्व स्पर्धाओं में पूर्व में जीती गई ट्राफी को अगली बार फिर जीतने वाली भारतीय क्रिकेट विश्व की पहली टीम बन गई है। वर्ष 2024 की यह स्पर्धा भी भारत ने कैप्टन रोहित शर्मा के नेतृत्व में जीती थी। भारत इस स्पर्धा को अब तक तीन बार जीत कर पहले स्थान पर स्थापित हुआ है। वर्ष 2007 में कैप्टन कूल महेन्द्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारतीय टीम ने इस टूर्नामैंट को जीता था। इसके अतिरिक्त 1983 और 2011 की एक-दिवसीय क्रिकेट स्पर्धाओं में भी भारत ही विजेता बना था। 2025 का एक-दिवसीय महिला विश्व कप, महिला-अंडर -19 विश्व कप-2025, ब्लाइंड महिला विश्व कप-2025 और अंडर-19 पुरुष विश्व कप जीतने का श्रेय भी भारत के पास ही है। रविवार को खेले गए फाईनल में हालांकि भारतीय टीम टॉस हार गई थी, किन्तु न्यूज़ीलैंड द्वारा पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला भारतीय टीम के लिए बादलों में चांद दिखने जैसा साबित हुआ, और भारत ने धुआंधार बल्लेबाज़ी करते हुए 255 का भारी-भरकम स्कोर अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम इस स्पर्धा में निरन्तर शानदार प्रदर्शन करती आ रही थी। उसने 200+ का स्कोर कई बार बनाया। जवाब में न्यूज़ीलैंड की टीम 31, 32 और फिर 47 रन पर तीन विकेट खोकर मानसिक रूप से बड़े दबाव में घिर गई थी। लिहाज़ा न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम कुल 159 रन बनाकर पैवेलियन लौट गई थी। मौजूदा प्रतियोगिता के सभी मैचों के दौरान पांच बार 253 से 260 तक के सर्वाधिक रन बनाने वाली पांच टीमों में से तीन बार का स्कोर भारतीय टीम ने ही बनाया।
भारतीय क्रिकेट टीम की मौजूदा जीत में बेशक सभी खिलाड़ियों ने अपने-अपने स्तर पर अच्छे खेल का प्रदर्शन किया, किन्तु बड़ी देर तक बाहर बैठने के बाद टीम में लौट कर सलामी बल्लेबाजी करते हुए विकेटकीपर संजू सैमसन ने फाईनल, सैमीफाईनल और सुपर-8 की तीनों पारियों में शतकीय मंज़िल के करीब पहुंची पारियां खेलीं। जसप्रीत बुमराह तो हैं ही मैच विजेता गेंदबाज़। जब भी कभी संकट उपजा, बुमराह संकट-मोचन बन कर जीत का वरण करते रहे। कैप्टन सूर्य कुमार ने उन्हें राष्ट्रीय खिलाड़ी के खिताब से नवाज़ा है। ईशान किशन, शिवम दूबे, तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या भी किसी न किसी अवसर पर मैचों को अपने अकेले कंधों पर आगे बढ़ा ले गये। फाईनल में अभिषेक शर्मा द्वारा दी गई अच्छी शुरुआत की नींव पर ही भारतीय जीत का उच्च प्रासाद खड़ा हो सका। सबसे बड़ी बात यह कि जब भी आवश्यकता पड़ी, सूर्य कुमार यादव ने कप्तानी नेतृत्व प्रदान किया।
भारतीय टीम के विजयदायी कारणों में पावर-प्ले में सर्वाधिक 92 रन बनाना, और कीवियों द्वारा इसी काल में कुल 47 रन पर तीन बड़े विकेट खो देना प्रमुख रहे। कीवी इस हतोत्साह से फिर पूरा मैच नहीं उभर सके। भारतीय खिलाड़ियों द्वारा दो अहम कैच टपकाने के बावजूद, क्षेत्ररक्षण में सभी खिलाड़ी एक के बाद दूसरा बेहतर साबित होते रहे। छक्कों और चौकों की बरसात ने भी न्यूज़ीलैंड की मानसिक पिच को गीला किया। भारत ने 18 छक्के और 19 चौके लगाये जबकि कीवी 9 छक्के और 8 चौके ही लगा सके थे। न्यूज़ीलैंड के कुल स्कोर 159 से अधिक 184 रन तो भारतीय टीम ने बाऊंड्री को छूकर ही बना लिये थे। न्यूज़ीलैंड की इस इतनी बड़ी हार का बड़ा कारण, भारतीय सलामी बल्लेबाज़ों द्वारा की गई ताबड़-तोड़ बल्लेबाज़ी से उपजा मानसिक दबाव और तनाव बना।
कुल मिला कर भारत अब तक सात बड़ी विश्व-स्पर्धाओं का विजेता बना है। एक बार इसे संयुक्त रूप से विजयी होने को श्रेय भी हासिल है। क्रिकेट को अंग्रेजों की धरती पर शुरू हुआ खेल माना जाता है, किन्तु मौजूदा स्पर्धा के सैमीफाईनल मैच में भारत ने इंग्लैंड को भी पराजित किया। स्पर्धा शुरू होने से पूर्व भारतीय टीम के बारे में कहा जाता था—हम इतिहास दोहराएंगे.... हम इतिहास को पराजित करेंगे, किन्तु भारतीय क्रिकेट टीम ने पूरी स्पर्धा में एकाधिक ऐसे रिकार्ड स्थापित भी किये हैं जिन पर इतिहास एक लम्बे अरसे तक गर्व करता रहेगा। इस शानदार जीत के महत्व को इस एक तथ्य से भी आंका जा सकता है कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी टीम इण्डिया को बधाई दी है। देश के क्रिकेट खिलाड़ी और क्रिकेट-प्रेमी इस जीत के लिए बधाई के पात्र हैं।

