एपस्टीन फाइल्स : पाप का घड़ा भरा नहीं
अगर किसी के पास बेशुमार दौलत है तो मुखौटा लगा कर नैतिकता, निष्ठा, सभ्याचार सभी कुछ खरीदा जा सकता है। पर्दे के पीछे सब जायज़ है, लेकिन एक दिन जब पर्दा गिरता है तो सभी कुछ खत्म हो जाता है। शेष कुछ रहता नहीं। आप हैरत में रह जाते हो अरे! इन पतनशील गलियों की गन्दगी में यह महाशय भी थे। एक वक्त में हम उनसे प्रभावित रहे होते हैं परन्तु जब कारनामे सामने आते हैं तो सारी साख मिट्टी में मिल जाती है। यही कुछ हुआ एपस्टीन फाइल्स के खुलते ही। अब ‘राजनीतिक शर्मिन्दगी’ और पुलिस के फ्रेश रिव्यू के सिवा कुछ पता ही नहीं। अमरीका में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और मानव तस्करी के आरोपी अरबपति ज़ेफ्री एपस्टीन से जुड़े गोपनीय दस्तावेज़ सार्वजनिक होते ही दुनिया के सत्ता और रसूख के गलियारों पर कालिख पुत गई। अमरीका से यूरोप तक फैली एपस्टीन फाइल्स के अनावरण होते ही राजनेताओं, राजदूतों, अरबपतियों और शाही परिवारों तक कारनामों की राख उड़ रही है। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प को भारी मन से इन फाइलों से पर्दा हटाना पड़ा। अमरीकी न्याय विभाग द्वारा जारी करीब तीस लाख पन्नों के दस्तावेज़ का असर यह हुआ कि अब तक दस देशों में 15 उच्चाधिकारियों को पद खोना पड़ा है जबकि सत्ता के शिखर पर बैठे 80 से ज्यादा बड़े-बड़े नामों की आपराधिक आधिकारिक जांच आरम्भ हो चुकी है। ये फाइलें बताती हैं सात सौ से एक हज़ार प्रभावशाली लोगों के नाम ईमेल, फ्लाइट लाग्स और सम्पर्क रिकार्ड्स में मौजूद हैं। इनमें 100 राजनेता और वरिष्ठ राजनयिक, 200 अरबपति और कार्पोरेट जगत के बड़े नाम और 1000 से अधिक नाबालिग युवतियों के यौन शोषण के अध्याय शामिल हैं। कुछ हाई प्रोफाइल्स नामों को देख कर आप भी हैरान रह जाएंगे। इन दस्तावेज़ों में अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और हिलेरी क्लिंटन के नाम अलग-अलग सन्दर्भ में सामने आये हैं। माइक्रोसाफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स एपस्टीन से जुड़ने पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त कर चुके हैं। ब्रिटेन में एपस्टीन से जुड़े इस खुलासे ने तो राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है, जबकि ब्रिटेन और नार्वे के शाही परिवार जांच-पड़ताल के दायरे में हैं। एपस्टीन फाइल्स में ट्रम्प महोदय का नाम 38,000 से अधिक बार दर्ज है। रिकार्ड से खुलासा हुआ कि 90 के दशक में एपस्टीन के निजी विमान में सात-आठ बार यात्राएं की हैं। ट्रम्प का नाम मार-ए-लागो क्लब की गेस्ट लिस्ट में भी शामिल हैं। कुछ बड़े नाम सामने आने पर उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। नार्वे के क्राऊन प्रिंसेस मेटे-मारिट के ईमेल और संवाद सामने आने पर राजशाही स्तर की संस्थागत समीक्षा हुई और उन्होंने सार्वजनिक माफी मांगी। बिल गेटस को फाऊंडेशन बोर्ड से इस्तीफा देना पड़ा। इज़रायल के पूर्व पी.एम. एहुद बराक का नाम न्यूयार्क में एपस्टीन के अपार्टमेंट में ठहरने और बैठकों के रिकार्ड में आया, जिसके बाद उन्हें सफाई देनी पड़ी।
एपस्टीन नेटवर्क 15 देशों तक फैला हुआ था। एपस्टीन ने संगठित नेटवर्क बनाया। अभी तक 15 देशों के अमीरजादों, नेताओं तथा अंतर्राष्ट्रीय शख्सियतों के नाम सामने आ चुके हैं। कागज़ों के इन पुलिन्दों में बड़ी-बड़ी हस्तियों की कामोत्तेजक भावनाओं की लपट दर्ज है। एक वक्त में वे अपने-अपने क्षेत्र में विशेष और ऊंचे नज़र आते थे परन्तु एपस्टीन फाइल्स खुलने से राय ए पुते कुछ चेहरे ही नज़र आते हैं। जब नैतिकता की जमीन फट जाती है, विध्वंस होता है।

