कहीं पूरे अरब को खाक तो नहीं कर देगा ईरान ?

अमरीका-इज़रायल और ईरान के बीच युद्ध की परिस्थितियां अब बेदह घातक होती नज़र आ रही हैं। अमरीका की पांच दिन की हमले में राहत की अवधि भी खत्म होती दिख रही है लेकिन दूसरी ओर ईरान अब और मुखर होता नज़र आ रहा है। ईरान के मोर्चे पर जंग और भी भीषण होती जा रही है तो अमरीका दबाव बनाने के लिए ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने का ऐलान कर चुका है तो वहीं ईरान ने भी अमरीका के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए बहुत खतरनाक रणनीति बना ली है और ये रणनीति सीक्रेट नहीं है बल्कि इस रणनीति का खुलासा ईरान के सुप्रीम लीडर ने खुद चेतावनी के रूप में किया है। अब सवाल ये है कि ईरान की रणनीति में निशाने पर क्या है? और ये रणनीति किस तरह कामयाब होगी?
अरब देशों की आर्थिक रीढ़ पर हमले की चेतावनी यानी अमरीका ने अगर होर्मुज स्ट्रेट में ऑपरेशन शुरू किया तो अरब के तेल और गैस ठिकानों को भस्म करने में ईरान जरा भी संकोच नहीं करेगा लेकिन वो देश होंगे कौन से? और ईरान के प्राइमरी टारगेट पर कौन से ठिकानें होंगे? ईरान ने अमरीका के ग्राउंड ऑपरेशन प्लान को देखते हुए बहुत ही घातक प्लान तैयार किया है। इस प्लान में जैसे ही अमरीकी सैनिक ईरान की जमीन पर यानी ईरान के द्वीपों पर उतरेंगे, उन्हें कब्जे में लेने की कोशिश करेंगे, वैसे ही ईरान भी जवाब देगा, जिसके लिए ईरान ने अपनी मिसाइलों को तैयार कर लिया है। ये मिसाइलें उनकी क्षमता के आधार पर टारगेट पहले ही लॉक कर चुकी है और इन मिसाइलों के टारगेट पर वो खाड़ी देश हैं, जहां अमरीका का हित है और ये ईरानी मिसाइल की रेंज में भी हैं।
मिडिल-ईस्ट का नया और सबसे खौफनाक चैप्टर अब मुज्तबा खामेनेई का अल्टीमेटम बन कर आ चुका है। ईरान ने अमरीका की आंखों में आंखें डालकर वो फाइनल वॉर्नंग दे दी है, जिससे पूरी दुनिया की सांसें अटक गई हैं। चेतावनी साफ है कि अगर अमरीका ने होर्मुज में घुसपैठ की तो पूरा अरब राख का ढेर बन जाएगा। सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, कुवैत से लेकर ओमान और जॉर्डन तक, ईरान की मिसाइलों और ड्रोन्स ने पूरे अरब के आसमान को रणक्षेत्र में तब्दील कर दिया है। अमरीका की सुप्रीमेसी को चुनौती देते हुए ईरान ने खाड़ी देशों के सीने पर सीधा प्रहार शुरू कर दिया है। दरअसल ईरान का पहला टारगेट वो अरब देश हैं, जो अमरीकी सेना को पनाह दे रहे हैं। इसलिए ईरान ने सऊदी अरब के अल-खर्ज में मौजूद ‘प्रिंस सुल्तान एयर बेस’ पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स की ऐसी बारिश की जिसने अमरीका को हिला कर रख दिया। बेस पर खड़े कई अमरीकी ‘बोइंग खए-135 स्ट्रैटोटैंकर’ तबाह हो गए हैं। दावा ये भी है कि कुवैत के बुबियान द्वीप पर भी ईरान ने मिसाइलें दागी हैं। इराक के बगदाद में कैंप विक्टोरिया को भी ईरान ने तबाह कर दिया और जॉर्डन के मुवफ्फक साल्ती एयर बेस को बैलिस्टिक मिसाइल से छलनी कर दिया और ये कहर सिर्फ उन सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं थे, जहां अमरीकी सेना का जमावड़ा था, बल्कि ईरान ने खाड़ी देशों के कमर्शियल हब भी तबाह करने में कोई करस नहीं छोड़ी। ओमान के सलालाह पोर्ट पर बरसे ड्रोन टारगेट हिट करने में कामयाब रहे जबकि बहरीन में हुए हमलों ने सायरन की चीखें रुकने नहीं दी और सऊदी का रियाद 6 बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से दहल गया। 
यानी पूरा अरब इस वक्त बंकरों में कैद है, लेकिन ये अरब का खौफ यहीं तक सीमित नहीं है। इनमें पहला हमला होगा सऊदी अरब के अब्कैक प्लांट पर जो दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल प्रोसिग प्लांट है। सऊदी अरब का 70 प्रतिशत कच्चा तेल यहीं पहुंचता है। इसकी क्षमता भी 70 लाख बैरल प्रतिदिन है। टारगेट पर सऊदी अरब की ही रास तनुरा रिफाइनरी भी है, जो दुनिया के सबसे बड़े समुद्री तेल टर्मिनलों में से एक है। इसकी क्षमता 65 लाख बैरल प्रतिदिन है। तीसरा टारगेट बनेगा कुवैत का अल-अहमदी पोर्ट, क्योंकि कुवैत का ये पोर्ट मुख्य तेल निर्यात केंद्र है, जहां से विश्व के बाजार में तेल जाता है, इसकी क्षमता 20 लाख बैरल प्रतिदिन है। इसके अलावा यूएई का दास द्वीप भी टारगेट है, क्योंकि ये यूएई का मुख्य तेल और गैस निर्यात केंद्र है, जिसकी क्षमता 15 लाख बैरल प्रतिदिन है। यही नहीं, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी यूएई की रुवैस रिफाइनरी भी टारगेट पर है, जिसकी क्षमता 8.3 लाख बैरल प्रतिदिन है जबकि ईरान का छठा टारगेट हो सकता है इराक का बसरा तेल टर्मिनल, जहां से इराक तेल बड़ी संख्या में निर्यात होता है। होर्मुज में अगर अमरीका ने ऑपरेशन शुरू किया तो फिर ईरान की मिसाइलों के रडार पर मध्य-पूर्व के ये 7 सबसे बड़े ‘ऑयल हब’ है और इन पर हमला होने का मतलब है, अरब देशों की आर्थिक तबाही की शुरुआत होगी जिसे दुनिया को हिला देंगे, यानी ईरान ने जिन दिशाओं में अपनी मिसाइलों का मुंह खोल रखा है, वो वैश्विक अर्थव्यवस्था को चंद घंटो में ही घुटनों पर ला देगा लेकिन सवाल ये है कि ईरान ऐसा करेगा कैसे? क्या अरब देशों में तैनात हाईटैक पैट्रियट और दूसरे एयर डिफेंस सिस्टम ईरान तबाह कर चुका है? इस सवाल का जवाब अब तक हुए ईरानी हमलों की कामयाबी से मिलता है।

#कहीं पूरे अरब को खाक तो नहीं कर देगा ईरान ?