भोजशाला प्रकरण में 6 अप्रैल से प्रतिदिन सुनवाई
धार, 2 अप्रैल (वार्ता) मध्यप्रदेश में धार स्थित भोजशाला प्रकरण में इंदौर हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल से नियमित रूप से प्रतिदिन सुनवाई करने का निर्णय लिया है। न्यायालय ने सुनवाई का समय प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे निर्धारित किया है।
हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें न्यायाधीश विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी शामिल हैं, ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि नियमित सुनवाई के पहले दिन याचिकाकर्ताओं को सुना जाएगा, इसके बाद आपत्तिकर्ताओं के पक्ष को सुना जाएगा।
सुनवाई के दौरान ङ्क्षहदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और विनय जोशी उपस्थित रहे। वहीं मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंङ्क्षसग के माध्यम से जुड़े। याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने कहा कि प्रतिदिन सुनवाई शुरू होने से मामले में शीघ्र न्याय मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, भोजशाला को लेकर वर्ष 2022 में ङ्क्षहदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा उच्च न्यायालय इंदौर में याचिका दायर की गई थी। इस प्रकरण में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा 98 दिनों तक सर्वे कर 2189 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद न्यायालय ने सभी पक्षों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की थीं।
इसी बीच मुस्लिम पक्ष ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। वहां मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि उसे उच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली पर पूरा भरोसा है और वह इस स्तर पर मामले की मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट सभी आपत्तियों पर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप विचार करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश को बरकरार रखते हुए निर्देश दिया कि भोजशाला परिसर के वर्तमान स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और 7 अप्रैल 2003 के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के आदेश का पालन जारी रहेगा। साथ ही मुस्लिम पक्ष को अपनी सभी आपत्तियां और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए हाईकोर्ट जाने की छूट दी गई है।

