इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने शुक्रवार को इस्तीफा दिया

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट में तैनात जस्टिस यशवंत वर्मा ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया है। दरअसल, उनके दिल्ली वाले घर में पिछले साल मार्च में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिले थे। इस मामले में उनके खिलाफ आंतरिक जांच चल रही थी। इसके साथ ही महाभियोग की भी चर्चा थी। इसी बीच उन्होंने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया है। जस्टिस वर्मा के दिल्ली वाले घर में जले हुए कैश मिलने के बाद उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में कर दिया गया था। इसके साथ उनको न्यायिक कार्य से फिलहाल अलग किया गया था। उनके खिलाफ महाभियोग लाने के मामले में कमेटी का गठन किया गया है। इस मामले में कई सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए नोटिस दिया था। 

57 साल के जस्टिस यशवंत वर्मा को अक्तूबर 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, जस्टिस यशवंत वर्मा ने 8 अगस्त 1992 को वकील के रूप में नामांकन कराया था। 13 अक्तूबर 2014 को उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 1 फरवरी 2016 को जस्टिस वर्मा स्थायी न्यायाधीश बने। 11 अक्तूबर 2021 को जस्टिस वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे। इसके बाद उन्हें वापस इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उन्होंने 5 अप्रैल, 2025 को शपथ ली।

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