Delhi: AAP नेताओं के साथ राजघाट पहुंचे अरविंद केजरीवाल, महात्मा गांधी को किया नमन
नई दिल्ली , 28 अप्रैल आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया राजघाट पहुंचे हैं। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष आतिशी भी हैं। उन्होंने राजघाट पर महात्मा गांधी को नमन किया। इससे पहले अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्ण कांता को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में खुद या वकील के पेश नहीं होने का एलान किया। उन्होंने इसे सत्याग्रह का नाम दिया है।
सीबीआई की अपील याचिका पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा द्वारा सुनवाई किए जाने पर आपत्ति जताने के बाद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने फैसला किया कि वह आगे इस मामले में न तो खुद पेश होंगे और न ही उनके कोई वकील जिरह करेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में क्या कहा था?
केजरीवाल ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को चार पन्नों का पत्र लिखकर यह जानकारी दी। पत्र में उन्होंने कहा कि मैं अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर यह निर्णय ले रहा हूं। मैं इसके नतीजों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। हो सकता है कि इससे मेरे कानूनी हितों को नुकसान पहुंचे, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं। केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि वे न्यायमूर्ति शर्मा के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखते हैं। उन्होंने लिखा अपने पत्र में अदालत में बहस के दौरान दी गई दलील दोहराते हुए कहा कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए।
गांधी के सत्याग्रह का हवाला
पत्र में केजरीवाल ने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के सिद्धांत का हवाला दिया और कहा कि यह फैसला केवल इसी मामले तक सीमित है। उन्होंने न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन के उदाहरण दिए, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के वकालत करने के कारण हाईकोर्ट से स्थानांतरण की मांग की थी। केजरीवाल ने लिखा कि न्यायमूर्ति शर्मा की टिप्पणियों से उनकी अर्जी को न्यायिक और संस्थागत अपमान के रूप में लिया गया, जिसके बाद निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद नहीं रह गई है।

