सात सांसदों ने भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद से सियासत गरम
नई दिल्ली, 25 अप्रैल - बीते दिन आम आदमी पार्टी के सात सांसदों ने भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद से सियासत गरम है। अब मामले में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखने की बात कही है। संजय सिंह का कहना है कि पार्टी सभी बागी सांसदों की सदस्यता रद्द करने के लिए राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखेगी।
दल-बदल विरोधी कानून का हवाला
संजय सिंह ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन या गुट का कोई कानूनी मान्यता नहीं है, भले ही उसमें दो-तिहाई बहुमत क्यों न हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न तो दल-बदल विरोधी कानून और न ही संविधान की दसवीं अनुसूची किसी भी राज्यसभा या लोकसभा में विभाजन, अलग गुट या समूह को मान्यता देती है।
आप ने विलय को बताया अवैधानिक और अवैध
आप नेता ने भाजपा में शामिल होने वाले सात सांसदों के कदम को पूरी तरह से 'अवैधानिक' और 'अवैध' बताया। उन्होंने कहा कि वे उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग कर रहे हैं।

