तीन अगस्त से तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारी
होशियारपुर, 27 जुलाई पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करते हुए तीन से पांच अगस्त तक पूरे पंजाब में तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का ऐलान दोहराया है।
सोमवार को राज्य के सभी 27 डिपो में गेट रैलियां आयोजित कर कर्मचारियों ने सेवाएं नियमित करने और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग उठाई। पंजाब रोडवेज, पनबस एवं पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (25/11) की ओर से आयोजित गेट रैलियों में होशियारपुर सहित सभी डिपो के कर्मचारियों ने भाग लिया।
होशियारपुर डिपो में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश नेता कुलवंत ङ्क्षसह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने सत्ता में आने से पहले ठेका कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था लेकिन साढ़े चार वर्षों में इसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर सरकार के साथ करीब 70 बैठकें हो चुकी हैं लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गठित समितियां भी कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने में विफल रही हैं।
यूनियन नेताओं का कहना है कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में परिवहन विभाग के किसी भी ठेका कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया, जिससे कर्मचारी लगातार ठेका प्रणाली के तहत शोषण का सामना कर रहे हैं।
यूनियन ने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में राज्य परिवहन की करीब 800 बसों को अनफिट घोषित कर दिया गया, जबकि उनकी जगह नई बसें नहीं खरीदी गईं। इसके अलावा स्पेयर पाट््र्स, टायर और बैटरियों की कमी के कारण लगभग 400 साधारण बसें और करीब 35 वोल्वो बसें सड़कों से बाहर हैं। यूनियन का यह भी आरोप है कि किलोमीटर स्कीम के तहत लगातार अधिक रूट निजी ऑपरेटरों को दिए जा रहे हैं, जिससे सरकारी परिवहन निगमों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
होशियारपुर डिपो के प्रधान रङ्क्षमदर ङ्क्षसह और सचिव नरेंद्र ङ्क्षसह ने आरोप लगाया कि स्पेयर पाट््र्स की कमी के कारण कई बसें खड़ी हैं। उन्होंने रूट निर्धारण, आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती तथा ठेका कर्मचारियों के लिए विशेष कैडर नीति लागू करने के प्रयासों पर भी सवाल उठाए।
यूनियन के कैशियर धर्मिंदर ङ्क्षसह ने दावा किया कि 24 जून को हुई बैठक में सरकार ने ठेका कर्मचारियों को नियमित करने और अन्य मांगों के समाधान के लिए 10 दिन में मसौदा नीति तैयार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो तीन से पांच अगस्त तक राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा तथा पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भूख हड़ताल भी शुरू की जाएगी।
यूनियन ने कहा कि यदि सरकार या प्रबंधन ने हड़ताल रोकने का प्रयास किया या आंदोलनरत कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की, तो आंदोलन को और तेज करते हुए हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया जाएगा।

