झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन 13वें दिन भी जारी, विधानसभा में गूंजेगा मुद्दा
रांची, 6 अगस्त (भाषा) झारखंड में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा आंदोलन बृहस्पतिवार को शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुख मुद्दा बन सकता है। पिछले 13 दिनों में आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है और छह प्रदर्शनकारी आमरण अनशन पर हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई को जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले शुरू हुआ यह आंदोलन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बनकर उभरा है। प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने तथा भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं।
वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा राष्ट्रीय समस्या है और उन्होंने गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की पेशकश की। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर हैं और उनके समर्थन में दो महिलाओं सहित पांच अन्य प्रदर्शनकारी भी अनशन पर बैठ गए। महतो के रक्त शर्करा और रक्तचाप का स्तर काफी गिर जाने से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई। हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर दिल्ली में 26 दिन का अनशन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने महतो से फोन पर बात की और उनसे अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम-से-कम पानी पीने का आग्रह किया। वांगचुक की अपील के बाद महतो ने पानी पिया।

