अमृतसर में भी दिखा पंजाब बंद का व्यापक असर
अमृतसर, 21 अगस्त (राजेश कुमार शर्मा) - जेल में बंद सिखों की रिहाई के लिए कौमी इंसाफ मोर्चा की तरफ से किए गए पंजाब बंद के आह्वान को अमृतसर में ज़बरदस्त सपोर्ट मिल रहा है। शहर के बड़े हॉल बाज़ार समेत कई कमर्शियल और इंडस्ट्रियल जगहों पर इस बंद को सपोर्ट किया जा रहा है।
कैद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर सिख संगठनों समेत कई किसान, धार्मिक, सामाजिक कार्यकर्ता और दूसरी संस्थाओं के नेता भी इकट्ठा हो रहे हैं। नेता शहर में मार्च निकालेंगे और जेल में बंद सिखों की रिहाई के लिए आवाज़ उठाएंगे।
बंदी सिंहों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से पंजाब बंद के आह्वान का अमृतसर में भी व्यापक असर देखने को मिला। शहर के विभिन्न इलाकों में सिख संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और झंडे थे। इस दौरान वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला भी नजर आया। लाउडस्पीकर से लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई।
बंद के चलते कई स्थानों पर बाजार, दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने ‘बंदी सिंह रिहा करो’ समेत कई नारे लगाए। सिख नेता भाई मुहकम सिंह ने केंद्र सरकार से सिखों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पहले भाई गुरबख्श सिंह और सूरसिंह खालसा ने लंबी भूख हड़ताल की थी। अब कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से उनकी रिहाई की मांग कर रहा है।
भाई मुहकम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकारों की ओर से किए गए वादे पूरे नहीं हुए और बंदी सिंहों को रिहाई के साथ पैरोल भी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि अलग-अलग समुदायों के लोगों ने कारोबार बंद रखकर एकजुटता का संदेश दिया है।

