हथियारों और नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी
सीमा-पार पाकिस्तानी क्षेत्रों से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी की कार्रवाईयों में एकाएक हुई वृद्धि ने एक ओर जहां सीमा सुरक्षा बल और सीमांत प्रशासनिक वर्गों को चौंकाया है, वहीं इस कारण राष्ट्रीय सीमांत सुरक्षा को उत्पन्न होते खतरे के प्रति चेताया भी है। तकनीकी गुप्चतरी तंत्र के विस्तार और नए-नए आविष्कारों के कारण स्थितियों की गम्भीरता और बढ़ी है। ऐसी तस्करी की अधिकतर घटनाएं अत्याधुनिक ड्रोनों से होने के कारण राष्ट्रीय सीमांत सुरक्षा को खतरा इसलिए बढ़ जाता है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा तुर्की आदि कई अन्य देशों से प्राप्त किए गए ड्रोनों में गुप्तचर कैमरे होने की आशंका पर हाल ही में देश की सुरक्षा एजेंसियों ने भी चिन्ता जताई है। इस आशंका को बल इसलिए भी मिलता है कि हाल ही में सीमा पर स्थित तस्करों की गैंगस्टरों और राष्ट्र-विरोधी तत्वों के साथ सांठ-गांठ के अनेक समाचार प्राप्त हुए हैं। सीमा-पार से हथियारों की तस्करी के अनेक मामले हाल ही में सामने आने से प्रशासनिक सूत्रों के साथ-साथ सैनिक बल संगठनों का जागरूक होना स्वत: स्वाभाविक हो जाता है।
सीमांत क्षेत्रों में स्थितियों की गम्भीरता का पता इससे भी चलता है कि हाल ही में पंजाब पुलिस की गुप्तचर एजेंसी के स्पैशल ऑप्रेशन सैल और काऊंटर इंटेजीलैंस एजेंसी की एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान 6 लोगों की गिरफ्तारी से एक ऐसे षड्यन्त्र का पता चला है जिसके तहत नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ बड़े स्तर पर हथियारों का आदान-प्रदान भी किया गया है। प्रशासनिक तंत्र ने गिरफ्तार व्यक्तियों से बड़ी मात्रा में हेरोइन के साथ आठ आधुनिक पिस्तौल और कई कारतूस बरामद किये हैं। सीमांत पुलिस ने इस दौरान एक अन्य घटना में हथियारों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अन्तर्राष्ट्रीय गिरोह का भी भण्डा-फोड़ किया है। इस दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे 14 विदेशी पिस्तौल और कई मैग्ज़ीन बरामद किये गये हैं। इस गिरोह के सदस्यों का काम करने का तरीका भी यही है कि वे नशे की तस्करी के ज़रिये प्राप्त धन-राशि से बड़ी मात्रा में हथियार व गोली-सिक्का खरीद करके गुण्डों एवं गैंगस्टर तत्वों को सप्लाई करते हैं। इससे भी देश और पंजाब प्रांत की सुरक्षा, सौहार्द और सामाजिक सद्भाव को खतरा उत्पन्न होता है। इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति को खतरा बढ़ने की आशंका भी उपजती है। पुलिस और प्रशासनिक तंत्र द्वारा ऐसे लोगों के सीमा-पार के तस्करों, गुण्डा तत्वों और राष्ट्र-विरोधी तत्वों से सम्पर्कों का पता लगाने हेतु शुरू किये गये अभियान से स्थितियों की गम्भीरता का अनुमान बड़ी सहजता से लगाया जा सकता है।
पंजाब पुलिस के उच्चाधिकारियों ने भी इस गम्भीर स्थिति पर चिन्ता व्यक्त करते हुए अधिक सतर्कता का आह्वान किया है। उन्होंने भी यह स्वीकार किया है कि सीमा के इस पार वाले तस्करों और गुण्डा तत्वों का सीमा पार के राष्ट्र-विरोधी तत्वों से स्पष्ट तौर पर सम्पर्क पाया गया है। बेशक इस मामले को लेकर सीमांत क्षेत्रों में अधिक प्रशासनिक सक्रियता का दावा किया गया है, किन्तु हम समझते हैं कि यह सक्रियता सामयिक और थोड़ी देर के लिए नहीं होनी चाहिए। इस हेतु एक सतत् अभियान सदैव जारी रहना चाहिए और तस्करों के गुण्डा तत्वों अथवा गैंगस्टरों के साथ सीधे-सम्पर्क को अश्वयमेव भंग किया जाना चाहिए। स्थानीय सम्पर्क सूत्रों ने भी यह दावा किया है कि सीमा-पार से नशीले पदार्थों हेरोइन और आईस आदि की ड्रोनों के ज़रिये तस्करी किये जाने की घटनाएं तो आम होने लगी हैं। इसका भी एक खतरनाक पक्ष यह है कि नशा और हथियारों के तस्कर अपने माल की इधर-उधर आवाजाही के लिए बड़े स्तर पर नाबालिग बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल करने लगे हैं।
हम समझते हैं कि पड़ोसी देश की भारत के प्रति नीयत और नीतियां सौहार्दपूर्ण न होने के दृष्टिगत वह भारत विरोधी अपनी नीतियों से कभी बाज नहीं आएगा। उसका एकमात्र मकसद भारत और खास कर सीमांत खड्ग भुजा प्रांत पंजाब में अधिकाधिक नशीले पदार्थों को भेज कर इस क्षेत्र की युवा शक्ति को कमज़ोर करने का है। इसके साथ ही उस देश की सरकार सीमा के इस पार अधिकाधिक शस्त्र और विस्फोटक पदार्थ भेज कर, खासकर पंजाब और दिल्ली में साम्प्रदायिक तनाव पैदा करके अधिकाधिक खलबली पैदा करना चाहती है। ऐसी स्थिति में भारत की केन्द्र सरकार, पंजाब की सरकार और खास तौर पर सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बलों का यह कर्त्तव्य बन जाता है कि वे निरन्तर और सतत् सुरक्षा बनाये रख कर सीमा के दोनों ओर के समाज विरोधी और राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर सख्त अंकुश लगा कर अपनी धरती और अपनी सीमाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाएं। अपने देश और समाज की युवा शक्ति को पथ-भ्रष्ट होने से बचाने, और उसे राष्ट्र-निर्माण के कार्यों की ओर अग्रसर करने का कार्य देश की सरकार को ही करना है। यह कार्य समाज और लोगों की सतत् जागरूकता एवं सजगता से और आसान हो जाता है।

