पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध


चंडीगढ़, 7 दिसम्बर (सुरजीत सिंह सत्ती) : दीपावली से ठीक पहले पटाखों के कारण हवा में प्रदूषण के मुद्दे पर हाईकोर्ट द्वारा खुद लिए गए नोटिस के मामले में अब अगली सुनवाई 11 जनवरी तक पटाखे चलाने पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगा दी गई है। इस आदेश के साथ अब न ही क्रिसमिस और न ही नववर्ष पर पटाखे चल सकेंगे। पटाखों संबंधी सुनवाई दौरान वरिष्ठ महिला वकील रीटा कोहली ने बैंच का ध्यान इस तरफ दिलाया कि पंजाब में मैरिज पैलेसों में अब भी पटाखे चलते हैं व अन्य शादी समारोह में भी पटाखे चलाए जा रहे हैं और हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए आदेश कहीं भी लागू होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा है कि पटाखे चलाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी व साथ ही संकेत दिया है कि अगर पटाखों संबंधी जारी आदेशों की उल्लंघना हुई तो संबंधित ज़िम्मेदार अधिकारी विरुद्ध आदेश की अवहेलना का मामला भी चलाया जा सकता है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने इस मामले का दायरा बढ़ाते हुए पराली, वाहनों व अन्य कार्रवाईयों से होते प्रदूषण संबंधी केन्द्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड सहित पंजाब व हरियाणा के प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को आदेश दिए थे कि विशेषज्ञों की राय लेकर प्रदूषण की ताज़ा रिपोर्ट पेश करें। उस समय केन्द्रीय पर्यावरण सचिव, स्वास्थ्य सचिव व कृषि सचिव को पक्ष बनाते हुए नोटिस जारी किया था व उपरोक्त रिपोर्ट मांगी गई थी। इससे पहले मामले संबंधी वरिष्ठ वकील अनुपम गुप्ता ने हवाई प्रदूषण के कारण बनते कारकों संबंधी हाईकोर्ट को अवगत करवाया था व कहा था कि हवा में फैले प्रदूषण की रोकथाम के लिए उचित प्रबंधों की ज़रूरत है। इस पर हाईकोर्ट ने उपरोक्त को पक्ष बनाते हुए प्रदूषण संबंधी रिपोर्ट तलब कर ली थी। वर्णनीय है कि हवा में प्रदूषण संबंधी कुछ रिपोर्टों के सामने आने के कारण दीपावली से पहले हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष पटाखों के लिए जारी लाईसैंसों के मुकाबले इस वर्ष 20 फीसदी लाईसैंस  देने के आदेश दिए थे व दीपावली वाले दिन शाम के समय सिर्फ 3 घंटे ही पटाखे चलाने की इजाज़त दी थी। इस संबंधी मामले का दायरा बढ़ाते हुए प्रदूषण के अन्य कारकों संबंधी भी प्रयास किए जाने की ज़रूरत महसूस की गई थी, व फिलहाल आज की सुनवाई के दौरान अगली सुनवाई तक पटाखों पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है।