पटना के 22 घाटों को खतरनाक घोषित किया 



पटना  29 अक्टूबर  पटना आस्था के महापर्व छठ में गंगा तट पर उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर और व्रतियों को सूर्य को अर्घ्य देने की सुविधा के लिए बिहार प्रशासन छठ घाटों को तैयार करने में जुटा है। इस दौरान पटना के 22 घाटों को खतरनाक घोषित कर दिया गया है। बुद्ध घाट, अदालत घाट, मिश्री घाट, टीएन बनर्जी घाट, जजेज घाट, कुर्जी पाटलिपुत्र घाट, एलसीटी घाट, बंशी घाट, अंटा घाट, जहाज घाट, सिपाही घाट, बीएन कॉलेज घाट, बांकीपुर घाट, खाजेकलां घाट, पत्थर घाट, अदरक घाट, गरेरिया घाट, पिदमड़िया घाट, नंद गोला घाट, नुरुउद्दीन घाट, बुंदेल टोली घाट और दमराही घाट को खतरनाक घोषित किया गया है। इन घाटों पर पानी तक पहुंचना संभव नहीं है। यहां पानी मिट्टी से 20 से 30 फीट नीचे चला गया है। इसके साथ ही नदी में गहराई भी बहुत अधिक है। इस बार पानी अधिक होने के कारण मुख्य सड़क से दूर स्थित घाटों तक पहुंचने में कीचड़ का सामना करना पड़ता। नदी में स्लोप बनाना संभव नहीं हो पाने के कारण कई घाटों का निर्माण ही नहीं हो पाया। एलसीटी और कुर्जी घाट को भी इस बार खतरनाक घोषित कर दिया गया है।

कुर्जी से गांधी मैदान के बीच सिर्फ एक घाट का सहारा

कुर्जी मोड़ से गांधी मैदान के बीच सिर्फ एक घाट का ही सहारा है। राजापुर पुल घाट का ही निर्माण किया गया है। बांस घाट पर स्लोप तैयार किया जा रहा है। राजापुर पुल घाट तक जाने के लिए व्रतियों को लगभग दो किलोमीटर तक पैदल चलना होगा। यदि कलेक्ट्रेट घाट जाते हैं तो यहां भी दूरी दो किलोमीटर ही होगा। कलेक्ट्रेट के साथ महेंद्रू में नाला पार करने के लिए पहुंच पथ का निर्माण कराया गया है। लगभग तीन किलोमीटर की दूरी में घाट सिर्फ दो ही हैं। यहां पांच से छह घाट पर छठ पूजा होती थी। इस कारण कलेक्ट्रेट घाट पर दबाव बहुत अधिक बढ़ने की संभावना है।