भारत का महान राष्ट्रपति भवन
हमारे देश भारत में जिस तरह राष्ट्रपति पद की सर्वोच्चता है, उसी तरह उनके निवास भवन की महत्ता है। यहां राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च संवैधानिक पद माना जाता है। ये राष्ट्र के प्रमुख कहलाते हैं एवं राष्ट्र के प्रथम नागरिक होते हैं। महामहिम की ही तरह उनके चयन/चुनाव का अभियान चलता है जिसमें देशभर के चुने गए सांसद एवं विधायक मतदाता बनते हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुना गया व्यक्ति परम्परा के अनुरूप शपथ लेकर विधिवत राष्ट्रपति बन जाता है। तदुपरांत राष्ट्रपति भवन महामहिम का निवास बन जाता है। देश की राजधानी नई दिल्ली की रायसीना हिल्स में महामहिम का निवास राष्ट्रपति भवन स्थित है। यह बहुत बड़े भूभाग पर विद्यमान है। इसमें 340 कमरे हैं। 13 एकड़ पर गार्डन मौजूद है। इसके मुख्य आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस थे। राष्ट्रपति का यह भवन चार मंजिला है। यह कुल दो लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में निर्मित है। इसके निर्माण में 70 करोड़ ईंटों और तीन लाख क्यूबिक फीट पत्थरों का उपयोग किया गया। महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इसके निर्माण में इस्पात का प्रयोग नहीं हुआ है। इसके निर्माण में 17 वर्ष लग गए थे। इसका औपचारिक उद्घाटन 1931 में हुआ। अंग्रेजों के समय इसका निर्माण वायसराय के निवास के तौर पर किया गया था। इसका गार्डन जो 13 एकड़ क्षेत्रफल पर स्थित है उसमें करीब ढाई सौ प्रकार के गुलाब के पौधे तथा अन्य फूल के पौधे हैं। यह मुगल गार्डन कहलाता है। इस भवन के आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस भले ही विदेशी थे किंतु उन्होंने इसे भारतीय निर्माण कला के अनुरूप बनाया। इस भवन का हर भाग भारतीयता प्रकट करता है। यह इसकी बहुत बड़ी विशिष्टता है।
राष्ट्रपति बनकर इसमें डा. राजेन्द्र प्रसाद, डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डा. जाकिर हुसैन, वी.वी. गिदी, डा. फखरुदीन अली अहमद, नीलम संजीव रेड्डी, ज्ञानी जैल सिंह, आर वेंकटरमण, डा. शंकर दयाल शर्मा, के.आर. नारायणन, डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, श्री प्रणव मुखर्जी व श्री रामनाथ कोविंद ने क्रमश: निवास किया। इसमें सर्वाधिक समय तक रहने का अवसर डा. राजेन्द्र प्रसाद को मिला। इस महामहिम भवन में सभी जाति, धर्म एवं वर्ग के लोगों को राष्ट्रपति बनने के बाद निवास करने का मौका मिला। इसमें निवास करने वाले सभी राष्ट्रपति अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्टता प्राप्त थे। सभी ने पद की गरिमा एवं मान को बरकरार रखा। इस भवन में निवास करने वाले डा. राजेन्द्र प्रसाद (बिहार), फखरुद्दीन अली अहमद (असम) पूरब के रहने वाले थे जबकि नीलम संजीव रेड्डी, आर. वेंकटरमन, के.आर. नारायणन, राधाकृष्णन, डा. ए.पी.जे. कलाम सब दक्षिण भारत के थे। डा. श्ांकर दयाल शर्मा मध्य भारत एवं श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल पश्चिम भारत की थी। पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बंगाल, पूर्वं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश व वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हैं। (उर्वशी)