सिख गुरुओं के मामले पर टिप्पणियाँ: पंजाब सरकार के गृह विभाग द्वारा दिल्ली विधानसभा सचिवालय को लिखा पत्र

नई दिल्ली, 21 फरवरी- पंजाब सरकार के होम डिपार्टमेंट ने दिल्ली विधानसभा सेक्रेटेरिएट को एक लेटर भेजकर साफ किया है कि सिख गुरुओं पर कथित कमेंट्स से जुड़ी सोशल मीडिया पर चल रही वीडियो क्लिप को विधानसभा का ऑफिशियल काम नहीं माना जा सकता।

पंजाब सरकार ने अपने लेटर में कहा है कि जिस वीडियो को एडिट किया गया हो, बदला गया हो, या कैप्शन के साथ सोशल मीडिया पर अलग से शेयर किया गया हो, उसे सदन का रिकॉर्ड नहीं माना जा सकता और न ही उसे सदन का ऑफिशियल पब्लिकेशन माना जा सकता है।

पंजाब के एडवोकेट जनरल की कानूनी राय के मुताबिक, सदन के बाहर बनाए गए या बदले गए वीडियो पर विधानसभा का प्रिविलेज लागू नहीं होता। सदन के बाहर किए गए काम क्रिमिनल लॉ से छूट नहीं पाते। सदन के बाहर किए गए किसी जुर्म के लिए दर्ज FIR प्रिविलेज का उल्लंघन नहीं है।

विधानसभा सेक्रेटेरिएट के पास सदन के बाहर दर्ज FIR से जुड़े डॉक्यूमेंट्स मांगने का अधिकार नहीं है। लेटर में यह भी कहा गया है कि चूंकि मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए शिकायत, टेक्निकल रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट जैसी जांच फाइलें शेयर नहीं की जा सकतीं। हालांकि, जानकारी के लिए FIR की एक कॉपी स्पीकर को भेज दी गई है।

पंजाब सरकार ने दिल्ली विधानसभा से कानूनी स्थिति को देखते हुए इस मामले में प्रस्तावित कार्रवाई पर फिर से विचार करने और इसे बंद करने का अनुरोध किया है। पंजाब सरकार ने साफ संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एडिटेड वीडियो सदन का रिकॉर्ड नहीं है। यह कानून सदन के बाहर की कार्यवाही पर लागू होता है और FIR दर्ज करना विशेषाधिकार का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।

#सिख गुरुओं के मामले पर टिप्पणियाँ: पंजाब सरकार के गृह विभाग द्वारा दिल्ली विधानसभा सचिवालय को लिखा पत्र