हरियाणा का कर-मुक्त बजट
हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जिनके पास वित्त मंत्रालय भी है, द्वारा पेश किये गये अपनी सरकार के दूसरे बजट को जैसे कि अपेक्षा भी थी, बड़ी सीमा लोक पक्षीय और जन-केन्द्रित बनाने का प्रयास किया गया है। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट की ही भांति बेशक मुफ्त की घोषणाओं पर यथा-शक्ति अंकुश लगाने की कोशिश की है, किन्तु बजटीय आंकड़ों की प्रस्तुति के ज़रिये उन्होंने प्रदेश में सामाजिक संतुलन बनाये रखने का भी भरपूर यत्न किया है। इससे प्रस्तुत बजट बड़ी सीमा तक कर-मुक्त और समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए बड़ी सीमा तक संतुलित बजट बना है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत किए गए 2,23,658 करोड़ रुपये के बजट को एक ओर जहां महिला उत्थान हेतु केन्द्रित किया गया है, वहीं किसानों को द्वि-फसली प्रक्रिया को बदलने हेतु नई राहतें और प्रोत्साहन योजनाओं का प्रस्ताव भी रखा गया है। सरकार की योजनाओं से प्रतिबद्धता जताने वाले किसानों को अतिरिक्त बोनस प्रदान करने का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने एक ओर जहां कोई नया कर प्रस्तावित नहीं किया, वहीं राजस्व को बढ़ाने हेतु कई नई घोषणाएं अवश्य की गई हैं। बजट में पूर्व में मौजूद जन-स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी लाने के प्रस्ताव भी शामिल किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए अनेक सौगातें प्रदान करने की घोषणा की है। बजटीय प्रावधान के अनुसार 5000 से अधिक किलोमीटर सड़कों का काया-कल्प किया जाएगा। इस दौरान 18 ओवर ब्रिज और 12 अंडर ब्रिज बनाये जाएंगे। शहरी जन-साधारण को प्रसन्न करने के लिए प्रदेश के 71 बड़े शहरों में 849 नये सैक्टर विकसित किये जाएंगे। कई सड़कों को चार से छह लाईन करने हेतु भी बड़ी राशि प्रस्तावित की गई है। पिंजौर में फिल्म सिटी बनाने की घोषणा करके मुख्यमंत्री ने लेखकों, साहित्यकारों और कलाकारों को खुश करने हेतु एक बड़ी सौगात दी है। इस फिल्म सिटी के निर्माण से नि:संदेह प्रदेश में रोज़गार के नये अवसर सृजित होंगे। इस फिल्म सिटी की गूंज बहुत दूर तक जाने की प्रबल सम्भावनाएं मौजूद हैं।
प्रदेश के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए भी मुख्यमंत्री ने नये आकाश सृजित करने का मौका प्रदान किया है। इस हेतु कृत्रिम मेधा पर काम करने के लिए जहां सरकार स्वयं प्रोत्साहन देगी, वहीं बैंकों की ओर से बड़े स्तर पर ऋण प्रदान किये जाएंगे। इस हेतु विश्व बैंक से भी 474 करोड़ रुपये मिल सकेंगे। प्रदेश के एक लाख युवाओं को ए.आई. प्रशिक्षण देने के साथ-साथ छह मोबाइल स्किल लैब तैयार की जाएंगी। इससे भी प्रदेश में शिक्षित-प्रशिक्षित युवाओं हेतु रोज़गार के नये अवसर सृजित होंगे। प्रशिक्षण प्रदान किये जाने वाले युवाओं में 20 हज़ार युवा ग्रामीण क्षेत्रों से भी होंगे। इस हेतु 50 करोड़ की लागत से उन्नत कौशल केन्द्र स्थापित किये जाने का प्रावधान बजट में है।
हरियाणा और पड़ोसी पंजाब दो ऐसे राज्य हैं जहां के अधिकतर युवा विदेश में जा बसे हैं, अथवा जैसे-कैसे भी हो, बसना चाहते हैं। खास तौर पर ग्रामीण युवा तो विदेश जाने हेतु अपने मकान और ज़मीनें तक गिरवी रख देते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विदेश जाने वाले युवाओं को अग्रिम प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देने हेतु अलग प्रकोष्ठ की घोषणा इस बजट में करके प्रदेश को पहलकदमी वाला राज्य बनाया है। हरियाणा में 21 नये खेल स्टेडियम बनाये जाने की घोषणा करके भी मुख्यमंत्री ने युवाओं को ही रिझाने की कोशिश की है। लाडो लक्ष्मी योजना के कार्य-क्षेत्र का विस्तार करने की घोषणा भी युवा महिलाओं को आकर्षित करने वाली है। महिलाओं को कार खरीदने हेतु कर-छूट देने से प्रदेश में उद्योग और कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा।
कुल मिलाकर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बेहतर योजना-नियोजना करके प्रदेश के वार्षिक बजट को केवल लेन-देन और आय-व्यय के आंकड़ों तक सीमित नहीं किया, अपितु चादर के चारों कोनों को इधर-उधर खींच कर शरीर को ढकने के अनुकूल बनाने की भरसक कोशिश की है। मुख्यमंत्री द्वारा सफेद कुर्ते-पायजामा के साथ सिर पर केसरी पगड़ी धारण करके बजट की प्रस्तुति देने के तरीके को पड़ोसी पंजाब राज्य में विधानसभा चुनावों के साथ जोड़कर भी देखा जा सकता है। यूं भी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इन दिनों केसरी पगड़ी धारण करने का कोई भी सुलभ अवसर हाथ से न जाने देने को सदैव तत्पर रहते हैं। हम समझते हैं कि आंकड़ों और योजनाओं की क्रीड़ा-स्थली बने बजट की प्रस्तुति से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक तीर से एकाधिक निशाने साधने की कोशिश की है। बजट की विशिष्टताओं को मुख्यमंत्री द्वारा अपने भाषण के दौरान बोले गये इस एक शे’अर की पंक्तियों में ही पाया जा सकता है-
वे बदलते रहे मन्सूबे हवाओं की तरह
हमने ज़मीं पे उतर कर, आसमां बदल दिया।

