पंजाब विधानसभा:सदन की कार्यवाही फिर से शुरू
चंडीगढ़, 11 मार्च (विक्रमजीत सिंह मान) - सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है। स्पीकर ने कहा कि हमारे लिए दुश्मनों की माताएं, बहनें और बेटियां सम्माननीय हैं, हम सभी को इसका खास ध्यान रखना चाहिए।
पंजाब विधानसभा में आज का 'शून्य काल' हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। विवाद की शुरुआत तब हुई जब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
वित्त मंत्री चीमा ने बेहद कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि सुखपाल सिंह खैहरा ने उन्हें बंधुआ मजदूर कहकर संबोधित किया है, जो बेहद अपमानजनक है। चीमा ने मांग की कि खैहरा को सदन में बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा उनकी सदस्यता रद की जाए।
प्रताप सिंह बाजवा ने किया बचाव
जवाब में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा का बचाव किया। बाजवा ने कहा कि उन्होंने कल भी गुजारिश की थी कि पहले सदस्य को अपनी बात रखने दी जाए, उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाए। इसी गहमागहमी के बीच बाजवा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करने की कोशिश की, जिसे स्पीकर ने सिरे से खारिज कर दिया। स्पीकर ने टिप्पणी की कि विपक्ष केवल अपने सदस्य को बचाने के लिए (शील्ड करने के लिए) यह प्रस्ताव ला रहा है, जिसे मंजूरी नहीं दी जा सकती।
वेल में आईं महिला विधायक
हंगामा तब और बढ़ गया जब आम आदमी पार्टी की सभी महिला विधायक सदन के बीचों-बीच (वेल) में आ गईं और नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल को अनियंत्रित होता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। सदन के भीतर की इस तल्खी ने आज फिर साफ कर दिया कि बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट चरम पर है।

