अमित शाह की मोगा रैली का संदेश

मोगा की पवित्र धरती पर आयोजित भारतीय जनता पार्टी की ‘बदलाव रैली’ में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह का संबोधन केवल एक राजनीतिक भाषण नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य की दिशा तय करने का स्पष्ट आह्वान था। उनके वक्तव्य में धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य के संकल्प का संतुलित समावेश दिखाई दिया।
गुरुओं और शहीदों को श्रद्धांजलि : अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ और ‘वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह’ के उद्घोष के साथ की। उन्होंने गुरु नानक देव जी से लेकर दशम पिता गुरु गोबिंद सिंह जी तक सभी सिख गुरुओं को श्रद्धापूर्वक नमन किया और नानकशाही कैलेंडर के अनुसार नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं। महान सिख गुरुओं की बलिदानी परम्परा को प्रणाम करते हुए उन्होंने कहा कि सिर पर सजी पगड़ी पूरे भारत पर गुरु घर के कज़र् की प्रतीक है। गुरु तेग बहादुर जी के अद्वितीय बलिदान का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि उनके त्याग ने हिंदुओं और सिखों की धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखा। साथ ही उन्होंने भगवान वाल्मीकि जी और गुरु रविदास जी को नमन करते हुए उनकी शिक्षाओं को आज भी प्रासंगिक बताया। अपने संबोधन में उन्होंने बाबा जीवन सिंह जी और महाराजा रणजीत सिंह जी को भी श्रद्धापूर्वक याद किया तथा शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की।
2027 में भाजपा सरकार का लक्ष्य : इसके बाद ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में पंजाब में भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य सामने रखा और विश्वास जताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ही राज्य को नई दिशा दे सकती है।
पंजाब की मौजूदा चुनौतियों पर हमला : पंजाब की वर्तमान स्थिति पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रदेश नशे, गैंगस्टरवाद, भ्रष्टाचार, बढ़ते कज़र् और उद्योगों के पलायन जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों को कई अवसर मिलने के बावजूद वे राज्य को स्थिर और सुरक्षित दिशा देने में विफल रहे हैं। आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति, बेरोज़गारी और अधूरे वायदों को प्रमुख मुद्दा बताया तथा आरोप लगाया कि शासन व्यवस्था कमज़ोर और भ्रष्टाचार से प्रभावित है।
दो साल में नशा खत्म कर दिया जाएगा : उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर दो साल में नशे के नेटवर्क और उससे जुड़े अपराधों पर कठोर कार्रवाई कर इसे जड़ से समाप्त किया जाएगा तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ कर निवेश और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाएगा।
किसानों के हित में योजनाओं का ज़िक्र : किसानों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था को मज़बूत किया है और किसानों को सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।
सिख समुदाय के लिए केंद्र के कदम : सिख समुदाय के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए उन्होंने गुरु पर्वों के राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन, ‘वीर बाल दिवस’ की घोषणा, करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण और 1984 दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसे कदमों को रेखांकित किया। उन्होंने भाजपा को सिखों का सच्चा हितैषी बताते हुए कांग्रेस पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया।
धर्म परिवर्तन पर सख्त कानून का संकेत : धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार बनने पर इस पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून लाया जाएगा। उन्होंने इसे धार्मिक पहचान की रक्षा से जोड़ा।
डबल इंजन सरकार का आह्वान : अंत में अमित शाह ने ‘डबल इंजन सरकार’ के माध्यम से पंजाब में सुशासन, विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाते हुए जनता से आह्वान किया कि 2027 में भाजपा को सत्ता में लाकर राज्य में स्थिर और प्रगतिशील शासन की शुरुआत करें।
समग्र दृष्टि और भविष्य का रोडमैप : इस प्रकार मोगा की बदलाव रैली में दिया गया उनका संबोधन केवल राजनीतिक आलोचना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक व्यापक दृष्टि प्रस्तुत करता है, जिसमें इतिहास का सम्मान, वर्तमान की चुनौतियों का विश्लेषण और भविष्य के लिए स्पष्ट रोडमैप शामिल है।

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