पौष्टिक आहार को लेकर दुनिया भर में व्यापक हलचल
आज दुनियाभर में खानपान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो रहा है। क्या खाये और क्या न खाये इस पर बहस चल रही है। स्वास्थ्य एवं पोषण का होना किसी भी मानव के लिए पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। स्वस्थ्य रखने के लिए शरीर को पोषक आहार की आवश्यकता पड़ती है। पोषण आहार स्वस्थ के लिए बेहद ही ज़रूरी होता है। पोषण युक्त चीजें खाने से शरीर को ज़रूरी तत्व मिल जाते हैं और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसलिए अपनी डाइट में केवल पोषण आहार को ही शामिल करें और वही चीजें खाएं जो कि पोषण से युक्त हो। हर व्यक्ति के लिए पूर्ण पौष्टिक आहार ज़रूरी होता है, क्योंकि ज़रूरी पोषक तत्वों की कमी होने से शरीर ना सिर्फ कमजोर हो सकता है बल्कि बीमारियों का घर बन सकता है।
पौष्टिक भोजन स्वास्थ्य की एक महत्त्वपूर्ण आधारशिला है। शरीर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भोजन में उचित मात्रा में आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होनी चाहिए। पोषक तत्वों की अधिकता और कमी-दोनों समान रूप से हानिकारक हैं और व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामुदायिक स्वास्थ्य पर लम्बे समय तक चलने वाले प्रतिकूल प्रभाव हैं। इस प्रकार इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से संबंधित करना और समुदाय को अच्छे स्वास्थ्य और इष्टतम पोषण के महत्व के बारे में जागरूक करना अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। अच्छा पोषण, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद स्वस्थ जीवन के आवश्यक नियम हैं। सम्पूर्ण राष्ट्र में इष्टतम पोषण की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
पौष्टिक आहार को लेकर दुनियां में व्यापक हलचल मची है। आहार मनुष्य की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण आधारभूत आवश्यकता है जिसके बिना कोई भी प्राणी जीवन की कल्पना नहीं कर सकता है। दुनिया में प्रचुर खाद्यान्न उत्पादन होने के बावजूद लोगों के लिए स्वास्थ्यपरक आहार आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। हमारे शरीर को पूरी तरह स्वस्थ रहने के लिए पोषक पदार्थों की ज़रूरत होती है। ये पोषक पदार्थ अलग-अलग तरह के भोजन से हमें मिलते हैं, यानि ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, फलियां, सूखे मेवे, डेयरी उत्पाद और मीट वगैरह आदि। शारीरिक श्रम करना, सोना और आराम करने की तरह ही संतुलित और पौष्टिक आहार लेना भी ज़रूरी है। भोजन का मतलब यह नहीं होता कि आप कुछ भी खा रहे हैं। ऐसा भोजन करें जो स्वच्छ और पोषण तत्वों से भरपूर हो।
इससे न सिर्फ हम बीमारियों से दूर रहते हैं, बल्कि शारीरिक विकास भी अच्छी तरह होता है। संतुलित आहार के अनेक फायदे नहीं है जैसे आप के शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और अच्छी नींद को बढ़ावा भी देता हैं। संतुलित आहार शरीर में वसा कम करता है साथ ही शरीर को अच्छे से काम करने के लिए प्रेरित करता है। शरीर के लिए आवश्यक संतुलित आहार लंबे समय तक नहीं मिलना ही कुपोषण है। कुपोषण के कारण बच्चों व महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इससे वह आसानी से कई तरह की बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। कुपोषण की जानकारी होना ज़रूरी है। कुपोषण प्राय पर्याप्त संतुलित आहार के अभाव में होता है। बच्चों और स्त्रियों के अधिकांश रोगों की जड़ में कुपोषण ही होता है।
आहार हमारे जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है। इससे हमें ऊर्जा मिलती है। जब तक आहार में पौष्टिक तत्व नहीं होंगे तब तक शरीर का विकास उचित प्रकार से नहीं होता है। आहार में पौष्टिक तत्व होने आवश्यक है जो शरीर का वर्द्धन करें। हमारे देश में गरीबी एवं अज्ञानता के कारण भोजन में पौषक तत्वों की कमी रहती है। इन्ही कारणों से बच्चों में कुपोषण एवं वयस्कों में कई विकार उत्पन्न होते है। आहार में कार्बोज, प्रोटीन, वसा, खनिज लवण एवं विटामिन विद्यमान हो तभी व्यक्ति की शारीरिक वृद्धि एवं विकास होगा। इस प्रकार के आहार में जल एवं फाइबर की भी पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए।
वैज्ञानिकों के अनुसार रोजाना 30 मिनट की वॉक, सीढ़ी चढ़ना, रात का खाना हल्का लेना और घर के कामों को करके भी मोटापा आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। नाश्ते में अंकुरित अनाज यानी मूंग, चना और सोयाबीन को अंकुरित खाएं। ऐसा करने से उनमें मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है। मौसमी हरी सब्जियों को डाइट में शामिल करें। अधिक फैट वाला दूध, बटर तथा पनीर लेने से बचें। जंकफूड से बचना होगा और पोषक आहार अपनाना होगा तभी मोटापे जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।

