नोटों की कमी, लेकिन बाज़ार में महंगी दरों पर उपलब्ध
पंजाब में चल रहे शादियों के मौसम में छोटे नोटों की कमी ने न सिर्फ आम लोगों की तैयारियों पर बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी वाले घरों में शगुन, मिलनी और विदाई जैसी रस्मों का छोटे नोट अहम हिस्सा होते हैं, लेकिन इस बार यह मामूली ज़रूरत भी मुश्किल बन गई है। लोगों का कहना है कि बैंकों के कई चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें ज़रूरत के हिसाब से नोट नहीं मिल रहे हैं, जिससे समारोहों की तैयारियों में दिक्कतें आ रही हैं।
दूसरी तरफ बाज़र की तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। एक तरफ जहां बैंक कमी की बात कर रहे हैं, वहीं कुछ निजी स्रोतों से यही नोट बंडल में रूप में ज़्यादा कीमत पर उपलब्ध हो रहे हैं। कई परिवार इन नोटों को ज़्यादा कीमत देकर खरीदने के लिए मजबूर हैं ताकि समारोह में कमी न रह जाए। ये हालात सिर्फ आर्थिक बोझ ही नहीं बढ़ा रहे, बल्कि व्यवस्था की कारगुज़ारी पर भी सवाल उठा रहे हैं।
सामाजिक वर्गों का मानना है कि अगर बैंकों के पास सप्लाई कम है तो बाज़ार में यह उपलब्धता कैसे बनी रहती है? यह गंभीर जांच का विषय है। हालांकि किसी व्यक्ति या संगठन का नाम सामने नहीं आया है, परन्तु मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ज़िम्मेदार एजेंसियों से तुरंत कार्रवाई की उम्मीद है।
शादी के मौसम में हर साल छोटे नोटों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार स्थिति सामान्य से अलग दिखाई दे रही है। आम ग्राहकों को जहां बैंकों से ज़रूरत के अनुसार नोट प्राप्त करने में मुश्किल हो रही है, वहीं कुछ जगहों पर ऐसे नोट बंडल के रूप में प्रीमियम दरों पर मिल रहे हैं। स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चा के मुताबिक 1000 रुपये का बंडल 1400 से 1500 रुपये में बिक रहा है। यह अंतर सिर्फ मांग और आपूर्ति का मामला नहीं लगता, बल्कि इसके पीछे अनसुलझी प्रणाली या गैर-पारदर्शी लेन-देन की संभावना भी व्यक्त की जा रही है। ऐसी स्थिति न सिर्फ आम लोगों को आर्थिक रूप से प्रभावित कर रही है, बल्कि व्यवस्था पर विश्वास को भी कमज़ोर कर रही है।
लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छोटे नोटों की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाए और बाज़ार में होने वाली सम्भावित गलत प्रथाओं पर अंकुश लगाया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय पर निगरनी और संतुलित वितरण प्रणआली लागू नहीं की गई तो आने वाले समय में यह समस्या और बड़ा रूप धारण कर सकती है।
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