जारी है बम धमाकों का सिलसिला

जालन्धर और अमृतसर में हुए ताज़ा बम धमाकों ने एक बार फिर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। विगत लम्बी अवधि से विदेशों में बैठे आतंकवादी संगठनों ने पंजाब को निशाने पर रखा हुआ है। इन संगठनों के सदस्य अमरीका, कनाडा और यूरोपीयन देशों के अतिरिक्त और भी बहुत से देशों में फैले हुए हैं। अपने सुरक्षित स्थानों पर बैठे यह लोग प्रदेश में लगातार घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। पाकिस्तान ने कभी भी भारत से दुश्मनी नहीं छोड़ी। वह स्वयं चाहे अपने लोगों को विकास के मार्ग पर लाने में असमर्थ रहा हो परन्तु उसने अपनी नापाक गतिविधियों से भारत को भी पटरी से उतारने के लिए अपने यत्न लगातार जारी रखे हुए हैं। 
पंजाब हमेशा इसलिए उसके निशाने पर रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान की सीमा के साथ लगता सीमांत प्रदेश है और यहां के ज्यादातर देश विरोधी तत्वों ने विगत लम्बी अवधि से विदेशों में शरण भी ली हुई है। उनका मुख्य केन्द्र पाकिस्तान रहा है। जहां उन्हें लगातार शरण के साथ-साथ पंजाब में ऐसी गतिविधियां करने के लिए बड़ी सहायता भी मिलती रही है, जो आज तक भी जारी है। पंजाब के साथ पाकिस्तान की हज़ारों किलोमीटर लम्बी सीमा लगती है। चाहे सीमा पार से आते हथियारों और अलग-अलग तरह के नशे की खेपों को कंडियाली तार लगा कर रोकने का यत्न ज़रूर किया गया था, परन्तु कई दशकों पहले ड्रोन का इस्तेमाल करके वहां से ऐसी सामग्री आने का सिलसिला पुन: शुरू हो गया था, जो इधर बैठे उनके संगठनों के साथियों के पास पहुंचाई जाती है, ताकि गड़बड़ करवाने का यह सिलसिला लगातार जारी रहे। ताज़ा धमाकों से पहले 27 अप्रैल की रात्रि शम्भू के निकट रेल पटरी पर जो बम रखा जा रहा था उसमें एक व्यक्ति अचानक बम  फटने से मारा गया था, परन्तु उसका दूसरा साथी फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने वाले कई व्यक्तियों को गिरफ्तार भी कर लिया था। पुलिस प्रमुख ने इसका खुलासा करते हुए यह बताया था कि इस घटना को अंजाम देने वाला सरगना मलेशिया में बैठा था। इस ग्रुप से संबंधित एक और व्यक्ति अमरीका रहता है और इनका मुख्य सरगना पाकिस्तान में बैठा है। इसी संगठन द्वारा नवम्बर, 2025 में मोगा में सी.आई.ए. स्टाफ के थाने पर ग्रेनेड फैंका गया था और 23 जनवरी, 2026 को रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके में भी इसी संगठन का हाथ था। पकड़े जाने वाले ऐसे व्यक्तियों से हैंड ग्रेनेड, पिस्तौलें, संचार उपकरणों के साथ-साथ लैपटॉप आदि भी बरामद किए जाते रहे हैं, जिनसे इस बात का भली भांति पता लग जाता है कि ऐसी गतिविधियों के लिए किस सीमा तक योजनाबंदी की जाती है और कितना पैसा खर्च किया जाता है। नि:संदेह यह बेहद गम्भीर मामला है जिससे पूरी तैयारी के साथ ही निपटा जा सकेगा।
इस बात पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं की जानी चाहिए। एक तरफ प्रदेश के समक्ष इतनी गम्भीर स्थिति पैदा हुई हो, दूसरी तरफ राजनीतिक नेता इसके लिए एक दूसरे के विरुद्ध बयान दे रहे हों कि ऐसी गतिविधियां कोई राजनीतिक पार्टी करवा रही है, ताकि ऐसी स्थिति का लाभ वह आगामी विधानसभा चुनाव में उठा सकें। दूसरी तरफ पुलिस प्रमुख गौरव यादव प्रत्यक्ष रूप से इन धमाकों के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी पर आरोप लगा रहे हैं और यह कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर यह पाकिस्तान की ओर से पंजाब में गड़बड़ करवाने के लिए एक और बड़ी कार्रवाई की गई है और इन घटनाओं के तार पिछली लगातार होती ऐसी घटनाओं के साथ जुड़ते हैं। हम पंजाब के राजनीतिज्ञों को यह अपील करते हैं कि वे ऐसी चुनौतियों को गम्भीरता से लें और ऐसे घटनाक्रम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का यत्न न करें। नि:संदेह पंजाब सरकार की घटित हो रहे ऐसे घटनाक्रम को नुकेल डालने की सबसे ज्यादा ज़िम्मेदारी बनती है, जो उसे गम्भीरता से हर हाल में निभानी चाहिए।

—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

#जारी है बम धमाकों का सिलसिला