Supreme Court: नोएडा हिंसा के दो मामलों पर कोर्ट में सुनवाई, पत्रकार की याचिका पर यूपी सरकार को नोटिस जारी

नई दिल्ली, 19 मई - नोएडा श्रमिक प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मगंलवार को एक याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका केशव आनंद ने दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई आदित्य आनंद और सह-आरोपी रूपेश रॉय को हिरासत में प्रताड़ित किया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अप्रैल के मध्य में नोएडा फेज-2 में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया था। 

इससे पहले 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को दोनों आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। आज दोनों आरोपी न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ के सामने हाजिर हुए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कथित प्रताड़ना की सीबीआई जांच की मांग की। वकील ने कहा कि दोनों आरोपी इस समय न्यायिक हिरासत में जेल में सुरक्षित हैं, लेकिन पुलिस हिरासत में उन्हें प्रताड़ित किया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों आरोपियों से बातचीत की और उनका हालचाल पूछा। कोर्ट ने यह भी पूछा कि हिंसा कैसे शुरू हुई। दोनों आरोपियों ने बताया कि उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई, उन्हें पकड़कर पीसीआर वैन से बाहर घसीटा गया और उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनकी पिटाई की।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि वह दोनों आरोपियों को सामने देखकर संतुष्ट है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्हें पेश करने का आदेश इसलिए दिया गया था, ताकि उनकी शारीरिक स्थिति देखी जा सके। कोर्ट ने कहा कि वह हिरासत में प्रताड़ना के आरोपों की विस्तार से बाद में जांच करेगा।

#Supreme Court
# नोएडा