'टीवीके में शामिल होने वाले AIADMK सदस्यों को होगा पछतावा, अपनी मूल पार्टी में लौटेंगे', दिनाकरण का दावा
चेन्नई, 11 जून - अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के प्रमुख टीटीवी दिनाकरण ने गुरुवार को दावा किया कि अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के जो सदस्य सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल हुए हैं, वे जल्द ही अपने फैसले पर पछताएंगे और वापस अपनी मूल पार्टी में लौट आएंगे।
दिनाकर ने सरकार गठन के दौरान टीवीके का समर्थन करने वाले कुछ राजनीतिक दलों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अन्य दलों के विपरीत वह हमेशा एनडीए के प्रति वफादार रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) का समर्थन करने का कोई इरादा नहीं है। साथ ही उन्होंने इस दावे को झूठा बताया कि अगर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय सरकार नहीं बनाते तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाता।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के सहयोगी दलों विदुतलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके), वाम पार्टियों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने विजय के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दिया था। उनका कहना था कि अगर कोई भी दल सरकार बनाने में सफल नहीं होता तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने का खतरा था। डीएमके से अलग हो चुकी कांग्रेस के साथ-साथ वीसीके और आईयूएमएल भी विजय मंत्रिमंडल में शामिल हुए।
एएमएमके के महासचिव दिनाकरण ने कहा, 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भी मैंने निजी लाभ के लिए अन्य नेताओं की तरह अपना पक्ष नहीं बदला। मैंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में बने रहने का फैसला किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी को एआईएडीएमके में विलय करने की कोई योजना नहीं है।

