ईरान-US जंग के बीच तीन भारतीय नाविकों की मौत
नई दिल्ली, 11 जून - पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जंग बीते 104 दिनों से जारी है। होर्मुज के आसपास तनावपूर्ण माहौल में मिसाइलों और अन्य हथियारों से लगातार गोलीबारी हो रही है। ओमान के तट के पास एक जहाज- एमटी सेट्टेबेलो पर हुए हमले में कई लोगों ने जान गंवाई है, इसमें तीन भारतीय भी शामिल हैं। जिन तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, इसमें एक उत्तर प्रदेश के देवरिया का है। मौत की पुष्टि होने के बाद परिवार में मातम पसर गया है। जिस जहाज पर हमला हुआ है, वह फिलीपींस के पास बसे देश- पलाऊ के झंडे वाला जहाज है।
इस मामले में ओमान में भारतीय दूतावास ने भी बयान जारी किया। सरकार ने कहा, ओमान के शिनस बंदरगाह के पास एक पोत पर हमले की जानकारी मिली है। दूतावास स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। विदेश मंत्रालय (एमईए) की तरफ से भी स्थिति पर नजर रखने और ओमान के अधिकारियों के साथ बचाव प्रयासों का समन्वय करने की बात कही गई। विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए तनाव कम करने का आह्वान किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जिन तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, इनमें से एक देवरिया जिले के सुरौली गांव का निवासी शिवानंद चौरसिया है। शिवानंद की मौत की खबर सुनकर उनके परिवार में मातम छा गया। परिजनों और पड़ोसियों का रो-रोकर बुरा हाल है। शिवानंद चौरसिया कई महीनों से समुद्र में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनके जीजा संजय चौरसिया ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले ही परिवार ने उनसे बात की थी। संजय ने बताया, शिवानंद के दो बच्चे हैं। उनके पिता रामजी चौरसिया ने भी अंतिम बातचीत याद करते हुए बताया कि शिवानंद ने सब ठीक होने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि शिवानंद ने पिछली रात 9 बजे फोन पर सब ठीक होने की बात कही थी। पड़ोसी रोहन शाही ने बताया कि शिवानंद परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे। शिवानंद करीब 8-9 महीने पहले काम पर गए थे।

