भाजपा अध्यक्ष का दौरा
पंजाब में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव का समय नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे प्रदेश से संबंधित पार्टियों ने अपने-अपने ढंग-तरीके से गतिविधियां बढ़ाना शुरू कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के यहां तीन दिवसीय दौरे को भी इसी क्रम के रूप में देखा जा सकता है। भाजपा ने प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली अकाली दल के साथ छोटा पक्ष बन कर प्रदेश में कई सरकारों के कार्यकाल में प्रशासन में भागीदारी की है। इसलिए ही यह अनुमान भी जारी रहे हैं कि दोनों पार्टियों के संबंध-विच्छेद के बाद इस बार भाजपा अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है, परन्तु जिस तरह भाजपा ने बड़ी तेज़ी से प्रदेश में हलचल बढ़ाई है, उससे यह अवश्य स्पष्ट होना शुरू हो गया है कि इस बार वह अपने दम पर ही चुनाव मैदान में उतरने की इच्छा रखती है।
विशेष तौर पर बंगाल के चुनाव में बड़ी जीत प्राप्त करने के बाद उसके हौसले और भी बढ़े दिखाई देते हैं। देश के अधिकतर प्रदेशों में उसकी सरकार बनने से भी उसके विश्वास में वृद्धि हुई है। पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए वह हरियाणा के अपने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सेवाएं भी ले रही है। विगत लम्बे समय से इसके केन्द्रीय नेताओं ने प्रदेश के अलग-अलग समुदायों पर अपना ध्यान केन्द्रित किया हुआ है। अब तक उसके बड़े-छोटे नेताओं ने लगभग सभी क्षेत्रों में अपने रास्ते बना लिए हैं। इन तैयारियों के आधार पर वह अपने बलबूते पर एक पक्ष के रूप में अपने आपको स्थापित करने के लिए यत्नशील प्रतीत होते हैं। विगत लम्बे समय से इसने प्रदेश में सभी सुमदायों के छोटे-बड़े नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने का यत्न किया है। इसमें वे बड़ी हद तक सफल भी रही है। आज न सिर्फ बहुत-से अकाली दलों के जाने-पहचाने नेता इस पार्टी में शामिल हुए दिखाई देते हैं, अपितु इसने प्रदेश कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को भी अपनी कतारों में दाखिल कर लिया है। जहां तक कि इसने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों को भी अपने साथ मिलाने से गुरेज़ नहीं किया। दूसरी ओर प्रशासन चला रही आम आदमी पार्टी ने भी अपने संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में अपनी गतिविधियां पूरी तरह तेज़ कर दी हैं। नशे के खिलाफ आरम्भ अभियान के बाद इसने अमन-कानून की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रभावशाली कदम उठाए हैं। बिजली मुफ्त देने के अपने वायदे को निभाया है और इसी क्रम में ही अब महिलाओं के लिए भी आर्थिक सहायता आगामी माह से देना शुरू करने की घोषणा कर दी है।
कांग्रेस चाहे अब तक इस दौड़ में पीछे दिखाई दे रही है, परन्तु आगामी दिनों में प्रदेश में पार्टी के भीतर नये बदलाव लाकर वह भी पूरी तरह मैदान में उतरना चाहती है। अलग-अलग अकाली दल चाहे सक्रियता अवश्य दिखा रहे हैं, परन्तु इनकी आपसी उलझनों ने ही उनकी रफ्तार तथा गति को अभी तेज़ नहीं होने दिया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के इस दौरे ने पार्टी के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं में एक नया उत्साह पैदा किया है। नितिन नबीन ने यहां आकर उन मुद्दों को केन्द्र बिंदु बनाया है, जो न सिर्फ प्रदेश के लिए अहम हैं, अपितु कई दशकों तक इनके कारण पंजाब की गति भी धीमी रही है। चाहे पहली अकाली, कांग्रेस तथा अब ‘आप’ की सरकार ने भी इन मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावशाली कदम उठाए हैं, परन्तु प्रदेश की मुश्किलों को हल करने तथा इसे विकास के मार्ग पर ले जाने के लिए अभी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है। आगामी समय में अलग-अलग पार्टियां ऐसे मुद्दों को लेकर लोगों तक जाएंगी और इससे प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां और भी तेज़ होने की सम्भावना बनी दिखाई देती है।
—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

