उत्तराखंड में भूस्खलन और बारिश से सैकड़ों सड़कें बंद 


नई दिल्ली, 13 जुलाई  - देश के कई हिस्सों में रविवार को मानसून की बारिश जारी रही। जम्मू-कश्मीर में बादल फटा, हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। इसके अलावा उत्तराखंड में भूस्खलन और बारिश से सैकड़ों सड़कें बंद हो गईं। उत्तराखंड सबसे अधिक प्रभावित हुआ, जहां कई जिलों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने, नदियों का जलस्तर बढ़ने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में अगले 24 घंटे में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 
मानसून को सक्रिय रखने वाला सिस्टम कमजोर पड़ा
मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, देश के 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पड़ना है। 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं। फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है। आईएमडी का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के फिर से एक्टिव होने की संभावना कम है। विभाग का अनुमान है कि प्रशांत महासागर में 3 नए सिस्टम बन रहे हैं, अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है।


 

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