पंजाब को भरोसे, सम्पर्क और वचनबद्धता की ज़रूरत

प्रधानमंत्री के दौरे पर विशेष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब और चंडीगढ़ दौरा एक सामान्य कार्यक्रम से कहीं अधिक एक महत्वपूर्ण संदेश है। ऐसे समय में जब पंजाब अनेक चुनौतियों से जूझते हुए नई उम्मीद की तलाश में है, प्रधानमंत्री की पूरे दिन की मौजूदगी यह स्पष्ट करती है कि पंजाब भारत की विकास यात्रा और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के केंद्र में है।

यह यात्रा राष्ट्र को समर्पित किए जा रहे प्रोजेक्टों के कारण भी महत्वपूर्ण है, जो एक सीमावर्ती राज्य की ओर नए सिरे से राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का संकेत है, जिसकी अपार संभावनाएं लगातार चुनौतियों के नीचे दबी रही हैं। प्रधानमंत्री चंडीगढ़ में 6,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उदघाटन और शिलान्यास करेंगे।
जालंधर में वह 5,470 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, जिनमें अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन शामिल हैं। ये निवेश केवल इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में नहीं, बल्कि मानव संसाधन, अवसर और भविष्य के लिए संपत्ति सृजन के बारे में भी हैं। पंजाब, जो भारत की सुरक्षा की पहली पंक्ति में खड़ा एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है, उसका विकास राष्ट्रीय सुरक्षा से अलग नहीं किया जा सकता। बेहतर सड़कें, मज़बूत रेल संपर्क और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं न केवल अर्थव्यवस्था को गति देती हैं, अपितु पंजाब में किया गया प्रत्येक निवेश भारत की रणनीतिक शक्ति में निवेश है
राजनीति से परे पंजाब को भरोसे की नई भावना की ज़रूरत है। आज पंजाब एक जटिल मोड़ पर खड़ा है। बढ़ता सार्वजनिक कज़र्, दबाव में कृषि अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोज़गारी, संगठित अपराध और गैंगस्टरों का ख़तरा, नशे की लगातार चुनौती और सीमा पार तस्करी जैसी समस्याओं ने राज्य के विकास की गति को प्रभावित किया है। इन परिस्थितियों ने निवेशकों, उद्यमियों और आम परिवारों के बीच अनिश्चितता का माहौल भी पैदा किया है। नि:संदेह, कोई एक यात्रा तत्काल सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकती। फिर भी यह यात्रा भरोसे और दृढ़ इरादे का मज़बूत संदेश है। जब प्रधानमंत्री स्वयं पंजाब आकर नई परियोजनाएं शुरू करते हैं, लोगों से बातचीत करते हैं, तो यह एक शक्तिशाली संदेश होता है कि केंद्र सरकार राज्य और उसके लोगों के प्रति  गंभीर है।
पंजाब का इतिहास बताता है कि जब भी सरकारों ने राज्य के लोगों के साथ साझेदारी का भाव रखा, पंजाब ने हमेशा सकारात्मक परिणाम दिए हैं। भारत की हरित क्रांति का नेतृत्व करने से लेकर राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए असाधारण बलिदान देने तक, पंजाब ने बार-बार कठिनाइयों पर काबू पाने की अपनी क्षमता दिखाई है, यह भरोसे की पहचान और नवीनीकरण की यात्रा है।  यह एक स्पष्ट संकेत है कि विकास, निवेश और अवसर एक बार फिर लौटेंगे।
बेहतर सड़क और रेल संपर्क यात्रा को आसान बनाएंगे, लॉजिस्टिक्स में सुधार करेगी और पंजाब को उद्योग तथा व्यापार  के लिए अधिक आकर्षक बनायेगें। आधुनिक रेलवे स्टेशन केवल सौंदर्यीकरण का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाते हुए आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संपर्क को भी मजबूत करेंगे।
जैसे-जैसे पंजाब 2027 के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है, राजनीतिक चर्चा का केंद्र विकास होना चाहिए तथा परियोजनाओं का समर्पण इसी बात का संकेत देता है। लोग रोज़गार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, औद्योगिक पुनरुद्धार, कृषि विविधीकरण और कानून व्यवस्था पर बहस के हकदार हैं, न कि केवल बयानबाज़ी और अल्पकालिक लोकलुभावन राजनीति तक।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार मज़बूत अवसंरचना आर्थिक परिवर्तन की आधारशिला को रेखांकित किया है। पंजाब इस दृष्टिकोण से बहुत लाभ उठा सकता है। बेहतर राजमार्ग औद्योगिक गलियारों को मज़बूत कर सकते हैं, बेहतर रेल संपर्क निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत घटा सकता है। 
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को पंजाब के भविष्य के बारे में एक नई बातचीत की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। यह इस बात की पुन:पुष्टि करने का अवसर है कि यह गौरवशाली सीमावर्ती राज्य भारत की राष्ट्रीय कल्पना और विकास प्राथमिकताओं में विशेष स्थान रखता है। पंजाब ने कभी सहानुभूति नहीं मांगी। इसने हमेशा साझेदारी की मांग की है। पंजाब के लोग मेहनती और देशभक्त हैं। उन्होंने बार-बार चुनौतियों को अवसरों में बदलने की अपनी क्षमता दिखाई है। इस यात्रा के दौरान शुरू की जा रही विकास परियोजनाएं केंद्र की इस क्षमता में निवेश करने की इच्छा को दर्शाती हैं।
इस यात्रा की असली सफलता केवल बनाए गए राजमार्गों के किलोमीटर या उद्घाटन की गई इमारतों से नहीं मापी जाएगी। यह इस बात से मापी जाएगी कि क्या यह किसानों, विद्यार्थियों, उद्यमियों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों में यह विश्वास पैदा करती है कि पंजाब के बेहतरीन दिन अभी आने बाकी हैं। यह भरोसा शायद किसी भी सरकार द्वारा किया जाने वाला सबसे मूल्यवान निवेश है। पंजाब इससे कम का हकदार नहीं है। 
-सांसद (राज्यसभा)
ई-मेल : satnam.sandhu@sansad.nic.in

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