‘अमृत भारत स्टेशन योजना’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज पंजाब और हरियाणा के विशेष दौरे पर हैं। जालन्धर दौरे के दौरान वह जालन्धर छावनी के 110 वर्ष पुराने रेलवे स्टेशन, जिसे अब बेहतर सुविधाओं से आधुनिक रूप दिया गया है, सहित वह अन्य लगभग 75 रेलवे स्टेशनों और नैशनल हाइवेज़ के बड़े प्रोजैक्टों का भी वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। उनकी सरकार द्वारा ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत देश भर में ज्यादातर सभी स्टेशनों को सुन्दर रूप और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यात्रियों के लिए इन स्टेशनों पर अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। यहीं से ही वह पंजाब के मोहाली, मुक्तसर और आनंदपुर साहिब के स्टेशनों के किए गए आधुनिकीकरण का भी उद्घाटन करेंगे।
केन्द्र सरकार का लगातार यह यत्न रहा है कि देश के महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित मूलभूत ढांचे का लगातार विकास किया जाए। चाहे वह राष्ट्रीय राजमार्ग हों, चाहे बंदरगाह हों, हवाई अड्डे हों या रेलवे और मैट्रो नैटवर्क हों के विकास को रोज़गार के साथ जोड़ने का भी यत्न किया गया है। इसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्वच्छ भारत’ जैसी शुरू की गईं योजनाओं की एक कड़ी ही कहा जा सकता है। इसका प्रत्येक वर्ग को बड़ा लाभ पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। रेलवे हमेशा ही भारत का एक बेहद महत्त्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है। आज इसके नैटवर्क का दुनिया के कुछ एक देश ही मुकाबला करते हैं। ब्रिटिश साम्राज्य का भारत पर लगभग 200 वर्ष तक कब्ज़ा रहा। ब्रिटेन में यातायात और ढुलाई के लिए रेलगाड़ियों की शुरुआत ने वहां क्रांतिकारी बदलाव लाए थे। गाड़ियों की उपयोगिता अंग्रेज़ पूरी तरह समझ गए थे। अपने देश में रेलवे को विकसित करने के बाद उन्होंने लगभग पौने 200 वर्ष पहले भारत में भी रेलवे का प्रसार करने की योजना बनाई थी। इसी क्रम में वर्ष 1853 में पहली रेलगाड़ी बम्बई से थाने तक चलाई गई थी, जिसकी दूरी लगभग 21 मील थी।
देश की आज़ादी वाले वर्ष 1947 तक लगभग 40 हज़ार किलोमीटर रेल ट्रैक का निर्माण कर दिया गया था। अंग्रेज़ों का मुख्य उद्देश्य देश का कच्चा माल बंदरगाहों तक लाने के लिए और सेना की सक्रियता के लिए रेलगाड़ियों को लाभदायक बनाना था और इसके साथ ही यात्रियों के लिए भी रेलगाड़ियों की उपयोगिता बना दी गई थी। देश में पहले कोयले, भाप और डीज़ल से चलाई जाती गाड़ियों का अब पूरी तरह विद्युतीकरण कर दिया गया है। इनके ट्रैक डेढ़ लाख किलोमीटर तक फैल चुके हैं। भारतीयों के लिए शुरू से ही रेल, आवागमन का एक मार्ग और बेहतर साधन माना जाता रहा है। एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन लगभग अढ़ाई करोड़ लोग रेलगाड़ियों में स़फर करते हैं। भारत सरकार ने लम्बी अवधि तक रेलवे का अलग मंत्रालय स्थापित करके रखा था, जिसने लगातार मॉल ढुलाई और यात्रियों की सुविधाओं के लिए यत्न जारी रखे थे।
मोदी सरकार भी इसमें अपना बेहतर योगदान डालने के लिए यत्नशील है। विगत दशक में ज्यादातर सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस रेल गाड़ियां भी चलाई गई हैं। इसके साथ-साथ आम यात्रियों के लिए भी सुविधाएं प्रदान करने का यत्न लोगों के लिए और भी बड़ी राहत प्रदान करेगा। जन-साधारण से जुड़े इन प्रबन्धों को और बेहतर बनाने के यत्नों के लिए सरकार प्रशंसा की पात्र है। इस सन्दर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जालन्धर का दौरा विशेष महत्त्व रखता है।
—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

