मुंबई की विशेष अदालत का बड़ा फैसला: 44 सोमाली समुद्री डाकुओं को उम्रकैद
मुंबई, 20 जुलाई - मुंबई की विशेष अदालत ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मामले में 44 सोमाली समुद्री डाकुओं को उम्रकैद की सजा सुनाई। इससे अदालत ने साफ संदेश दे दिया कि डकैती और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के प्रति कानून किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। दोषियों ने सजा से पहले अदालत से दया की अपील की थी। उनका कहना था कि भारतीय जेल में भाषा, खान-पान, संस्कृति और परिवार से दूर रहने के कारण उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उनकी अपील खारिज कर दी।
अदालत ने कहा कि सभी दोषी समुद्री डकैती निरोधक कानून, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाए गए हैं। विशेष जज संजय दिघे ने अपने फैसले में माना कि आरोपियों पर समुद्री डकैती, अपहरण और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर अपराध सिद्ध हुए हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में केवल व्यक्तिगत कठिनाइयों के आधार पर सजा में राहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि यह अपराध समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

