UP: यूपी की सात सीटों पर सपा की काट ढूंढ रही भाजपा

मुरादाबाद, 22 अगस्त - उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा और सपा के लिए मुरादाबाद मंडल अहम है। सपा को अपना गढ़ बचाने और भाजपा को यहां भगवा फहराने की चुनाैती है। मंडल की सात सीटों पर भाजपा को लंबे समय से जीत का इंतजार है। इन सीटों पर पार्टी सपा की काट ढूंढ रही है। इसके लिए पार्टी सर्वे करा रही है। जिताऊ चेहरा तलाश रही है। साथ ही इन सीटों पर गठबंधन के सहयोगी दलों की भी नब्ज टटोली जा रही है।

मुरादाबाद मंडल को सपा का गढ़ कहा जाता है। विधानसभा चुनावों के परिणाम भी यही बताते हैं। 2017 के चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला था। इस चुनाव में सपा को 47 सीटें मिली थीं। इसमें 12 सीटें मुरादाबाद मंडल की थी। जबकि भाजपा ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं 2022 में सपा ने 17 और भाजपा ने 10 सीटें जीतीं थीं।
हार जीत के ये आंकड़े दोनों दलों के लिए मुरादाबाद मंडल अहम बना देता है। मंडल में सात ऐसी सीटें (रामपुर और कुंदरकी उपचुनाव के परिणाम छोड़कर) हैं जहां भाजपा को लंबे समय से जीत नहीं मिली है। किसी सीट पर पार्टी को 31 साल से जीत नहीं मिली तो कोई सीट 29 साल से हारती आ रही है।

रामपुर सीट पर तो पार्टी को पहली बार उपचुनाव (2022) में ही जीत मिली है। वहीं कुंदरकी उपचुनाव जीतकर रामवीर सिंह ने भाजपा का 33 साल का वनवास खत्म किया था। जबकि मुरादाबाद देहात, अमरोहा, संभल, बिजनौर जिले की नगीना और नजीबाबाद सीट पर अभी भी पार्टी को जीत का इंतजार है। इन सीटों पर जीत के लिए भाजपा सपा की काट तलाश रही है।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व इस पर मंथन कर रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यूपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके बासित अली का कद बढ़ाकर मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं मुस्लिम बहुल सीटों पर सहयोगी दलों की भागीदारी बढ़ाने पर भी पार्टी के भीतर मंथन चल रहा है।

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