केरल HC ने पिनाराई विजयन और उनके परिवार के खिलाफ FIR के आदेश को चुनौती देने वाली अपीलों पर फैसला सुरक्षित रखा
कोच्चि, 13 अक्टूबर : केरल हाई कोर्ट ने मंगलवार को केरल के विपक्ष के नेता और CPI(M) पोलित ब्यूरो सदस्य पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीना टी. और उनके पति मोहम्मद रियास की अपीलों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। ये अपीलें CMRL-एक्सलॉजिक कथित पे-ऑफ मामले में विजिलेंस केस दर्ज करने के सिंगल-जज के निर्देश के खिलाफ दायर की गई थीं।
जस्टिस के. नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की डिवीजन बेंच ने अपीलों के निपटारे तक आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इन अपीलों में विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत तीनों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश को चुनौती दी गई थी।
अपीलकर्ताओं ने सिंगल-जज के फैसले को चुनौती देने की अनुमति के लिए कोर्ट का रुख किया है। उनका तर्क है कि वे मूल याचिका में पक्षकार नहीं थे और उन पर असर डालने वाला आदेश जारी होने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
अपीलकर्ताओं की ओर से सीनियर वकील के. गोपालकृष्ण कुरुप, एस. श्रीकुमार और टी.ए. शाजी पेश हुए, जबकि राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व एडवोकेट जनरल के. जाजू बाबू ने किया। असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल पी. श्रीकुमार प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पेश हुए और वकील वी. सेतुनाथ ने मूल याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व किया।
अपीलकर्ताओं ने तर्क दिया कि सिंगल जज ने उनकी बात सुने बिना आदेश पारित कर दिया, जबकि कार्यवाही में उन पर लगे आरोप और ED द्वारा उपलब्ध कराए गए सबूत शामिल थे। उन्होंने कहा कि वे मामले में जरूरी पक्षकार थे और उनकी बात न सुनना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

