पंजाब सरकार ने पुलिस कमिश्नर और रेंज हेड समेत 6 सीनियर पुलिस अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए

 

चंडीगढ़, 23 अक्टूबर (प्रो. अवतार सिंह) - पंजाब में गैर-कानूनी ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सीनियर पुलिस अधिकारियों को खास अधिकार देने का फैसला किया है। इस बारे में होम डिपार्टमेंट की तरफ से जारी एक नोटिफिकेशन के जरिए पुलिस कमिश्नर और पुलिस रेंज के इंचार्ज अधिकारियों को उनके अधिकार क्षेत्र में खास तौर पर ऑथराइज किया गया है। इसके साथ ही, उन पुलिस कमिश्नरेट, रेंज और हेडक्वार्टर यूनिट के लिए भी 6 सीनियर पुलिस अधिकारियों को ऑथराइज किया गया है, जिनमें इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) रैंक का कोई अधिकारी तैनात नहीं है। सरकार ने यह कदम गैर-कानूनी ड्रग ट्रैफिकिंग की रोकथाम से जुड़े कानून के तहत उठाया है।

सरकार की तरफ से यह नोटिफिकेशन 'प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिकिंग इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1988' (PIT-NDPS एक्ट) के सेक्शन 3 के सब-सेक्शन (1) के तहत जारी किया गया है। इस नोटिफिकेशन को गवर्नर की मंज़ूरी मिल गई है, जिसके ज़रिए संबंधित अधिकारियों को इस एक्ट के मकसद को पूरा करने के लिए खास तौर पर ऑथराइज़ किया गया है।

6 सीनियर अधिकारियों को भी ज़िम्मेदारी दी गई

नोटिफ़िकेशन में जिन 6 सीनियर पुलिस अधिकारियों को ऑथराइज़ किया गया है, वे हैं स्पेशल DGP (ट्रैफ़िक) ए.एस. राय, ADGP गौतम चीमा, ADGP (इंटरनल सिक्योरिटी) शिव वर्मा, ADGP (सिक्योरिटी) कौस्तुभ शर्मा, ADGP (इंटरनल विजिलेंस सेल) नौनिहाल सिंह और IGP (प्रोविज़निंग) एस. भूपति। इन अधिकारियों को उन पुलिस कमिश्नरेट, पुलिस रेंज और हेडक्वार्टर यूनिट के लिए अधिकार दिए गए हैं, जहाँ अभी IGP रैंक का कोई अधिकारी तैनात नहीं है। इनमें से हर अधिकारी का अधिकार क्षेत्र पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) एडमिनिस्ट्रेटिव तौर पर तय करेंगे।

नोटिफ़िकेशन के मुताबिक, पुलिस रेंज के इंचार्ज IGP या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को भी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इन शक्तियों का इस्तेमाल करने का अधिकार होगा। इस तरह, सरकार ने अलग-अलग पुलिस यूनिट्स में कानून के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों की भूमिका को साफ़ करने का प्रावधान किया है।

#पंजाब सरकार