पत्थरबाज़ों से सख्ती से निपटने की ज़रूरत


जब कोई भी समस्या जीवन में आती है तो उसका समाधान भी उसके साथ जुड़ा होता है। बात है उसके हल के प्रति अग्रसर अर्थात् उसके हल के प्रति निष्ठावान और आशावादी सोच की। हम कश्मीर के बारे में देखें तो आपको आभास होगा कि विभाजन अर्थात् 1947 के पश्चात् जितनी समस्याएं कश्मीर के बारे में आईं, वो कश्मीर का अभिन्न अंग बन गईं। यह कैसे और क्यों हुआ और होता है? इसका सारा दोष भारत सरकार और संसद में मोटी-मोटी पगार पाने वाले सांसदों पर जाता है। वह कश्मीर को ‘समस्या की जड़’ मान कर चलने के आदी हो गए हैं। हमारी सरकार को इज़राइल से सीख लेनी चाहिए जोकि मुस्लिम देशों से घिरा हुआ है। इज़राइल ने कभी समस्याओं को लम्बी छूट नहीं दी। वो एक दम एक्शन लेकर अपनी समस्याएं हल करने के साथ-साथ शरारती देश को गहरी चोट पहुंचा कर उसको सबक सिखा देता है, ताकि आगे से शरारती देश ऐसा करने की हिम्मत न जुटा पाएं। हमारे देश की सोचनीय दशा का चिन्तन करना होगा कि हम कश्मीरी शरारती तत्वों पर कैसे लगाम लगाएं। भारतीय सैनिक जब पाकिस्तान द्वारा भेजे गए आतंकवादियों को पकड़ने के लिए पीछा करने में भी जी-जान की बाज़ी लगा देते हैं। उनको ये कश्मीरी पत्थरबाज़ रोकने की कोशिश  करते हैं। यह शरारती लड़के जिसमें 10 साल के बच्चे और उससे कम तक लड़के बड़े लड़कों के साथ हमारे जवानों को पत्थर मारते हैं, ताकि पाकिस्तानी हमलावर बच कर निकलने में कामयाब हो जाएं। कैसी घिनौनी साज़िश में शामिल दिखाई देते हैं। आई.एस.आई. इस मेहनत के लिए बाकायदा पैसे गिलानी एण्ड पार्टी को भेजती है। गिलानी ने अपना महलनुमा महल इसी पाकिस्तानी पैसों से बनवाया है। यह लोग असल में हिन्दुस्तान द्वारा दी गई रोटी खाते हैं और अपने आप को पाकिस्तानी मानते हैं। हमारे देश की उन्नति का रोग पाकिस्तान को दिन-रात खाए जा रहा है। भारत दुनिया के बड़े देशों में खड़ा हो गया और पाकिस्तान ने खुद अभी तक सुई तक नहीं बनाई। पाकिस्तानी हुक्मरानों का खात्मा भी उन्हीं के चलाए  आतंकवाद से ही होगा, सिर्फ देर है तो हमारे द्वारा सख्त रुख अपनाने की। मैं हैरान हूं कि यदि हमारी सेना कोई सख्त कदम उठाने की बात करती है तो विरोधी पार्टियां उसकी निंदा क्यों करती हैं। जब तक कश्मीर पर कश्मीरी रूप में पाकिस्तानी रहते हैं, सारी पार्टियां एक स्वर पर नहीं बोलती तब तक हमारी वर्तमान सरकार का सफल होना सम्भव नहीं दिखाई देता। कश्मीरी शैतान जो भारत के विरुद्ध पत्थरबाज़ी करते हैं, सरकार को इनके खिलाफ सख्ती का आदेश सेना को देना चाहिए। जब तक हम भारत विरोधी तत्वों को पाकिस्तान का रास्ता नहीं दिखाते तब तक कश्मीर में शांति बहाली नहीं हो सकती। कश्मीरी लड़कों को बताना चाहूंगा कि ज़िंदगी बेशकीमती है, सिर्फ और सिर्फ पत्थरों के लिए इसे ताक पर लगाना, उनके हित में नहीं है। खुदा उनको अकल दे और रहमो-करम करे। खुदा से दरखास्त है।

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