राहुल गांधी ने बृजेंद्र सिंह का राजनीतिक कद बढ़ाया

कांग्रेस विदेश सहयोग विभाग के सह-संयोजक व पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा में शामिल होकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जहां एक तरफ बृजेंद्र सिंह का राजनीतिक कद बढ़ा दिया, वहीं बृजेंद्र के विरोधियों को भी गहरा झटका दिया है। बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा पिछले काफी समय से पूरे प्रदेश में चल रही है और अब यह अंतिम दौर में है। बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा की प्रदेश कांग्रेस के ज्यादातर प्रमुख नेताओं, सांसदों व विधायकों ने न सिर्फ अनदेखी की थी, बल्कि इस यात्रा को बृजेंद्र सिंह की निजी यात्रा बताते हुए इससे लगातार दूरी बनाए रखी। कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव व सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा, राज्यसभा सांसद व कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव और सैलजा-सुरजेवाला गुट से जुड़े हुए ज्यादातर नेता व विधायक तो बृजेंद्र की सद्भाव यात्रा में लगातार दिखाई देते रहे थे, लेकिन नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस सद्भाव यात्रा से निरंतर किनारा किए रखा। 
राहुल गांधी बेशक बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा का हिस्सा बने और बृजेंद्र सिंह की पीठ थपथपाने का काम किया, इसके बावजूद हुड्डा गुट के चारों सांसदों दीपेंद्र हुड्डा, जयप्रकाश जेपी, वरुण मुलाना, सतपाल ब्रह्मचारी और ज्यादातार विधायक इस सद्भाव यात्रा का हिस्सा नहीं बने। यह चारों सांसद और कांग्रेस के अधिकांश विधायक न तो सद्भाव यात्रा में पहले कभी शामिल हुए और न ही राहुल गांधी की जनसभा में पहुंचे। राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े नेता हैं और पार्टी प्रोटोकॉल के हिसाब से हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा का राहुल गांधी के हरियाणा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना उनकी मजबूरी थी। बीके हरिप्रसाद और राव नरेंद्र सिंह सद्भाव यात्रा शुरू होने से पहले ही कह रहे थे कि बृजेंद्र सिंह की यात्रा हरियाणा कांग्रेस कमेटी की अधिकृत यात्रा नहीं है जबकि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा की दलील थी कि कांग्रेस को मजबूत करने के लिए कोई भी कांग्रेसजन ऐसी यात्राएं निकाल सकता है। ऐसे में यात्रा के दौरान पूरे समय यह तीनों नेता अपने-अपने दावों पर अडिग रहे और सद्भाव यात्रा में शामिल नहीं हुए।
दमदार था बृजेंद्र का दावा
दूसरी तरफ पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के समर्थकों का दावा था कि यह यात्रा राहुल गांधी के आशीर्वाद से शुरू की जा रही है और यात्रा के अंतिम दौर में खुद राहुल गांधी हरियाणा आकर इस यात्रा में शामिल होंगे। अब राहुल गांधी न सिर्फ बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा में शामिल हुए बल्कि यहां तक कहा कि बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा को कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश कांग्रेस का पूरा समर्थन हासिल है। राहुल गांधी ने इस दौरान बृजेंद्र सिंह द्वारा हजारों किलोमीटर चलकर की गई पदयात्रा को लेकर भी उनकी जमकर तारीफ की। बृजेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं और वह आईएएस की नौकरी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए और हिसार से सांसद चुने गए थे। वह इकलौते ऐसे सांसद थे जिन्होंने सांसद पद और लोकसभा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया था। उस समय कांग्रेस पार्टी ने उन्हें लोकसभा की टिकट तो नहीं दी थी, लेकिन बाद में उन्हें विधानसभा चुनाव में उचाना से कांग्रेस टिकट मिली थी, जहां से उनके पिता बीरेंद्र सिंह व उनकी माता प्रेमलता भी विधायक रह चुकी थीं।
मतभेद नहीं हुए खत्म
राहुल गांधी के बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा में शामिल होने से यह माना जा रहा था कि अब कांग्रेसी नेताओं में आपसी मतभेद समाप्त हो जाएंगे और कांग्रेस पार्टी गुटबाजी से ऊपर उठकर शायद प्रदेश में एकजुट नजर आने लगे। लेकिन राहुल गांधी के सद्भाव यात्रा में शामिल होने और बृजेंद्र सिंह की पीठ थपथपाते हुए उनकी यात्रा को कांग्रेस का पूरा समर्थन बताए जाने के बावजूद कांग्रेसी एकजुट नजर नहीं आ रहे हैं। सद्भाव यात्रा के दौरान बृजेंद्र सिंह द्वारा हुड्डा गुट के नेताओं और खासकर सांसदों व विधायकों को लगातार अपने निशाने पर रखने की वजह से हुड्डा गुट में बृजेंद्र सिंह के प्रति नाराजगी पाई जा रही थी। बृजेंद्र सिंह अपनी पदयात्रा के दौरान प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं को भी यह नसीहत देते रहे हैं कि भाजपा का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस पार्टी के सभी नेताओं को एकजुट होना पड़ेगा अन्यथा एक दूसरे की टांग खिंचाई करने से वे भाजपा का मुकाबला नहीं कर पाएंगे। 
बृजेंद्र सिंह ने 5 अक्तूबर को अपनी सद्भाव यात्रा शुरू की थी और उनके द्वारा प्रदेश के 90 में से 86 विधानसभा क्षेत्र कवर करने के बाद गुरुग्राम के गांव खांडसा में आयोजित सद्भाव यात्रा में राहुल गांधी शामिल होने के लिए आए थे। राहुल गांधी का कार्यक्रम बनते ही प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा व विधानसभा के सभी उम्मीदवारों और अन्य निर्वाचित कांग्रेसी नेताओं और पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों को पत्र लिखकर राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने को कहा था। बृजेंद्र सिंह ने इस सद्भाव यात्रा के जरिए अपनी आईएएस अधिकारी की छवि से बाहर निकलकर प्रदेश के जमीन से जुड़े हुए नेता वाली पहचान बनाने का प्रयास किया है। इस बार विधानसभा चुनाव में बृजेंद्र सिंह मात्र 32 वोटों से उचाना सीट से चुनाव हार गए थे। इसको लेकर उनका अदालत में केस चल रहा है। राहुल गांधी के गुरुग्राम आकर बृजेंद्र सिंह की यात्रा में शामिल होने से निश्चित तौर पर कांग्रेस में बृजेंद्र का कद बढ़ गया है। 
कर्मचारियों की हड़ताल
हरियाणा में इन दिनों नगर पालिका, नगर परिषदों व नगर निगमों के कर्मचारियों और फायर कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। पिछले कई दिनों से निरंतर चल रही हड़ताल के कारण प्रदेश में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो गई है। राज्यभर के विभिन्न शहरों में जगह-जगह कूड़े और गंदगी के ढेर लग गए हैं।
 हड़ताल शुरू होने से पहले सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को बातचीत के जरिए निपटाने के प्रयास भी किए थे लेकिन बातचीत सफल नहीं हो पाई और कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। अब कर्मचारियों की हड़ताल निरंतर आगे बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों की हड़ताल को जहां हरियाणा के सबसे बड़े कर्मचारी संगठन सर्व कर्मचारी संघ सहित कई अन्य संगठनों ने समर्थन देने का ऐलान किया है, वहीं कांगे्रस के सभी बड़े नेताओं, इनेलो व जेजेपी सहित अन्य दलों ने भी कर्मचारियों की मांगों को समर्थन देते हुए सरकार से इस मामले को बातचीत के जरिए जल्द निपटाने और कर्मचारियों की जायज़ मांगें स्वीकार करने का आग्रह किया है। इसके अलावा कुछ सामाजिक संगठनों ने भी सरकार से कर्मचारियों का मामला सुलझाने की अपील करते हुए कहा कि जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने से प्रदेश में महामारी फैलने का भी खतरा बन गया है। अभी तक कर्मचारियों ने 14 मई तक हड़ताल का ऐलान किया है। अगर तब तक मामला बातचीत से न हल हुआ तो नगर पालिका कर्मचारी संघ ने आन्दोलन को आगे बढ़ाने की भी चेतावनी दी है। सरकार ने इस मसले को सुलझाने के लिए प्रदेश के स्थानीय शहरी निकाय मंत्री को जिम्मेदारी सौंपी है और उम्मीद की जा रही है कि मसला जल्दी हल कर लिया जाएगा।

मो.-9855465946

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