हरियाणा के मुख्यमंत्री निवास पर पंजाब के नेताओं की गहमा-गहमी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के चंडीगढ़ स्थित सीएम आवास पर आजकल हरियाणा के साथ-साथ पंजाब के भाजपा नेताओं और कार्यकर्त्ताओं की भीड़ को अक्सर देखा जाता है। पंजाब भाजपा के नेता अन्य दलाें से भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को मुख्यमंत्री नायब सिंह से मिलवाने और उनकी मौजूदगी में नेताओं को भाजपा में शामिल करवाने के लिए आते रहते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आजकल जितने कार्यक्रम हरियाणा के बनते हैं, लगभग उतने ही कार्यक्रम पंजाब के भी बन जाते हैं। कभी पंजाब के उद्योगपति मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने चंडीगढ़ सीएम आवास पर आते हैं तो कभी पंजाब के आढ़ती हरियाणा सीएम के आवास पर मीटिंग करते देखे जाते हैं। कभी पंजाब के किसान नेता तो कभी छात्र नेता भी मुख्यमंत्री के आवास पर देखे जाते हैं। इसके अलावा अब हरियाणा भाजपा के कई नेता, विधायक व मंत्री और मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात राजनीतिक अधिकारी भी पंजाब के नगर निगमों और नगर परिषदों के चुनाव में सक्रिय देखे गए। इस समय मुख्यमंत्री हरियाणा नायब सैनी के नेतृत्व में भाजपा का पूरा फोकस अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा के चुनावों पर लगा हुआ है और नायब सैनी भाजपा के मुख्य रणनीतिकार के तौर पर उभर कर सामने आए हैं। 
पंजाब व हरियाणा की सीमाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। दोनों तरफ किसानों के खेत के साथ खेत हैं और दोनों प्रदेशों के लोगों के बीच आपस में रोटी-बेटी का भी रिश्ता है। दोनों प्रदेशों की राजनीति भी अक्सर एक-दूसरे प्रदेश को प्रभावित करती है। इसी के चलते हरियाणा के लोगों की नजरें अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव पर लगी हुई हैं और उन चुनावों के नतीजे निश्चित तौर पर पंजाब के साथ-साथ हरियाणा की राजनीति पर भी दूरगामी प्रभाव डालेंगे। 
हरियाणा निकाय चुनावों में भाजपा का परचम
हरियाणा में हुए नगर निगमों, नगर परिषदों व नगर पालिकाओं के चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विरोधियों को करारी पटखनी दी है। हरियाणा के तीन नगर निगमों पंचकूला, अंबाला व सोनीपत में हुए चुनाव में तीनों जगह मेयर के साथ-साथ ज्यादातर पार्षद भी भाजपा के जीते हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश की नगर परिषद और नगर पालिकाओं में भी अधिकांश भाजपा के उम्मीदवार न सिर्फ चुनाव जीते बल्कि उनका प्रदर्शन भी बेहद सराहनीय रहा। 2024 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद डेढ़ साल बाद हुए प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के शानदार प्रदर्शन से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज पर एक तरीके से मोहर लगी है। इन स्थानीय निकाय चुनावों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों ने जितनी मेहनत और लगन से चुनाव प्रचार किया, वैसी मेहनत विरोधी खेमे में देखने को नहीं मिली।  विरोधी चुनाव प्रचार के दौरान इस बात को भी उठाते रहे कि मुख्यमंत्री प्रदेश के छोटे-छोटे वार्डों व कस्बों में भी पार्टी उम्मीदवारों के प्रचार के लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने न सिर्फ पार्टी उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया बल्कि जो भाजपा नेता किन्हीं कारणों से नाराज होकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में आ गए थे, उन्हें भाजपा के पक्ष में बैठाने और जो प्रचार से दूर बैठे थे, उन्हें प्रचार में लगाने का काम किया। इससे भाजपा उम्मीदवारों के प्रचार को बल मिला और मुख्यमंत्री की सक्रियता से बाकी कार्यकर्ता भी चुनाव प्रचार में जुट गए। स्थानीय निकाय चुनाव में बकायदा प्रदेश के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के साथ-साथ पार्टी के सभी बड़े नेताओं की भी ड्यूटी लगाई गई थी। उकलाना नगर पालिका को छोड़कर जहां निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुई, अन्य सभी स्थानों पर भाजपा उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। 
आखिर जीत ही गए बंसल 
पंचकूला से इस बार भाजपा नेता श्याम लाल बंसल को मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया था। श्याम लाल बंसल पुराने आरएसएस के कार्यकर्त्ता हैं और लंबे समय से भाजपा में रहकर राजनीति कर रहे हैं। वे 1971 से आरएसएस से जुड़े और 1993 में कालका (पंचकूला) विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पर एमएलए का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद उन्होंने 1996 व 2000 में भी भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन चुनाव हार गए। 1996 में भाजपा का बंसीलाल की पार्टी हविपा से गठबंधन हुआ था और गठबंधन ने प्रदेश में सरकार बनाई थी, लेकिन श्याम लाल बंसल जीत नहीं पाए थे। 2000 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में इनेलो और भाजपा का गठबंधन था और श्याम लाल बंसल गठबंधन के उम्मीदवार थे। लेकिन फिर वह चुनाव नहीं जीत पाए। 
बंसल समर्थकों का भाजपा आलाकमान के समक्ष तर्क था कि जब प्रदेश में भाजपा की स्थिति कमजोर होती थी तो उस समय श्याम लाल बंसल को चुनाव लड़वाया जाता था लेकिन अब पार्टी की प्रदेश में पकड़ अच्छी है तो ऐसे समय में भी श्याम लाल बंसल को मेयर पद का चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए ताकि पार्टी के लिए उनके द्वारा अब तक किए गए संघर्ष का सम्मान हो सके। भाजपा ने इस बार पूर्व मेयर कुलभूषण गोयल के स्थान पर श्याम लाल बंसल को पंचकूला से मेयर पद का टिकट दिया और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 36 हजार से ज्यादा अंतर से हराकर रिकार्ड वोटों के अंतर से पंचकूला मेयर पद का चुनाव जीता। लोगों में यह चर्चा है कि आखिर 50 साल की लगातार मेहनत के बाद श्याम लाल बंसल को 72 वर्ष की उम्र में मेयर बनाकर पार्टी ने उनके संघर्ष का सम्मान किया है। 
जैन दोबारा बने मेयर
सोनीपत से विजयी हुए राजीव जैन पेशे से पत्रकार रहे हैं। वे 1996 से 1999 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल के प्रैस सलाहकार और हविपा के महासचिव रहे थे। उन्होंने 2000 और 2005 में सोनीपत से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा लेकिन जीत नहीं पाए थे। 2009 में वे खुद सोनीपत से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन भाजपा ने उनकी पत्नी कविता जैन को सोनीपत से विधानसभा का चुनाव लड़वाया और वे भाजपा के टिकट पर जीतने वाले कुल चार विधायकों में से एक विधायक चुनकर आईं। 2014 में पार्टी ने कविता जैन को फिर से चुनाव मैदान में उतारा और वे दूसरी बार विधायक बन गईं। इधर 2014 में हरियाणा में पहली बार अपने बलबूते पर भाजपा की सरकार बनी और मनोहर लाल के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार में कविता जैन कैबिनेट मंत्री बन गईं। उसके बाद राजीव जैन भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रैस सलाहकार रहे। 2024 में भाजपा ने कविता जैन को विधायक पद की टिकट देने की बजाय सोनीपत के मेयर निखिल मदान को विधायक पद की टिकट दे दी और मदान के विधायक चुने जाने के बाद मेयर पद खाली होते ही भाजपा ने राजीव जैन को मेयर पद का चुनाव लड़वाया और वे मेयर चुन लिए गए। अब फिर राजीव जैन को भाजपा ने सोनीपत से मेयर के पद पर चुनाव मैदान में उतारा और कांग्रेस उम्मीदवार कमल दीवान को 23 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हराकर मेयर चुने गए। इसी तरह, अंबाला में भी भाजपा की मेयर पद की उम्मीदवार अक्षिता सैनी ने कांग्रेस उम्मीदवार कुलविंदर कौर को 21 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया। इस चुनाव में रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका अध्यक्ष पद भी भाजपा उम्मीदवारों ने जीता। इतना ही नहीं, नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विधानसभा क्षेत्र में सांपला नगर पालिका का चुनाव भी भाजपा उम्मीदवार जीत गए।

-मो.-9855465946

#हरियाणा के मुख्यमंत्री निवास पर पंजाब के नेताओं की गहमा-गहमी