चिलचिलाती गर्मी से यूं बचें

कंपकंपाती सर्दी हो या जीवन का रस सोखती गर्मी। दोनों ही तरह के मौसम में अति सभी पर भारी पड़ जाती है। हिंदुस्तान के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से में इन दिनों गर्मी का कहर जारी है। चिलचिलाती धूप और लू के कारण होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। मध्य प्रदेश को राजस्थान, आंध्र प्रदेश हो या तमिलनाडु या फिर उत्तर भारत का मैदानी हिस्सा, सब ओर गर्मी का कहर जारी है। गर्मी सालों के रिकॉर्ड तोड़ लोगों की जान ले रही है। इसलिए आसमान से बरसती इस आग से बचाव करना ज़रूरी है। चूंकि हर कोई इस गर्मी में घर के भीतर रह नहीं सकता, जिसकी घर से बाहर निकलने की मजबूरी हो तो वह सावधानी से इन उपायों को आजमाए तो गर्मी की मार से आसानी से बचा जा सकता है। 
गर्मी के उन दिनों में जब भयानक लू चल रही हो तो तमाम बैक्टीरिया खुद ही खत्म हो जाते हैं, लेकिन तेज गर्मी से कई बीमारियां लोगों पर अपनी पकड़ मजबूत बना लेती है। इन दिनों खाना बहुत जल्दी खराब हो जाता है। इसलिए गर्मी में फूड पॉयजनिंग से बचने के लिए बासी खाना खाने से बचें। इतनी तेज गर्मी में फ्रिज में रखा खाना भी खराब हो सकता है। लू लगने से बचने के लिए जमकर पानी पीएं। यदि मधुमेह के रोगी न हों तो मीठे फलों और शर्बतों का लुत्फ उठाएं। गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए सुबह सोकर उठने के बाद एक गिलास नींबू पानी जरूर पीएं। इससे वजन कम करने में सहायता मिलती है। तेज गर्मी में डिहाइड्रेशन होने का खतरा होता है इसलिए इससे बचने के लिए दिन में 10-12 गिलास पानी पीएं। 
हमारे देश की जलवायु की सबसे विशिष्टता है यहां जलवायु और मौसम के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में फल, सब्जियां, उपलब्ध होती हैं। प्रकृति जहां एक ओर मई-जून के महीने में तेज गर्मी और लू का कहर बरपाती है तो इस मुसीबत से बचने के लिए वह हमें खानेपीने के फल और सब्जियों के रूप में इस तरह के विकल्प भी उपलब्ध कराती है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि प्रकृति के इस नियम का पालन अगर किया जाए तो मौसम की मार से बचना आसान हो जाता है। आग बरसते दिनों में उन फलों और सब्जियों को खाया जाना चाहिए जो खासतौर से गर्मी से मुकाबला करने की शरीर में ताकत पैदा करते हैं। खरबूजा, तरबूज, आम, बेल, खीरा, लीची, ककड़ी, नींबू, संतरा, मौसमी, आड़ू, आलूबुखारे, नारियल पानी, सत्तू, दही, छाछ जैसी गर्मी दूर भगाने वाली चीजों का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और ये भयानक गर्मी की लू से बचाने में हमारी सहायता करती है। इसलिए इन दिनों अपने खानपान में इन सारी चीजों को शामिल करें। 
गर्मी में अपनी दिनचर्या में बदलाव करके भी भीषण गर्मी से बचाव किया जा सकता है। शरीर में नारियल के तेल या सरसो के तेल की मालिश से रक्त संचार दुरुस्त होता है और त्वचा की प्राकृतिक चमक भी बरकरार रहती है। संभव हो तो दिन में दो बार नहाएं नहीं तो एक बार तो गर्मी से राहत के लिए नहाना भी ज़रूरी है। भले ही बर्फीले पानी से न नहाएं लेकिन पानी ठंडा हो ताकि गर्मी से राहत पाने में अगर नहाया जाता है तो त्वचा में एक नयी तरावट आए। सुबह और शाम दोनों समय नहाने से गर्मी से तो बचाव होता ही है शरीर में चुस्ती और फुर्ती आती है और हमारी कार्यक्षमता में भी इजाफा होता है।
गर्मी के मौसम में आपका मैनेजमेंट भी मौसम के अनुकूल होना चाहिए। इन दिनों में तेज गर्मी से एकदम ठंडी जगह पर आने से या ठंडे स्थान से एकाएक गर्म स्थान पर आने से बीमार होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है। तेज धूप से बाहर सड़क पर आने के बाद एकाएक एसी रूम में चले जाने से शरीर को नार्मल होने का समय ही नहीं मिलता, जिसकी वजह से सर्द से गर्म और गर्म से सर्द जगह पर जाने से गर्मी लगने और जुकाम होने का डर लगा रहता है। इन दिनों जितना ज़रूरी है सनस्ट्रोक से बचाव करना। उसी तरह नंगे पैर सीधे गर्मी के सम्पर्क में नहीं आना चाहिए। इसलिए तपती हुई जमीन पर नंगे पैर चलने से भयानक गर्मी लग सकती है, इसलिए कभी नंगे पैर चलने से बचें। धूप को सीधी आंखों पर पड़ने से आंखों के खराब होने की आशंका तो रहती ही है। इसके अलावा गर्मी लग जाने का भी डर लगा रहता है। गर्मी से बचने के लिए अगर इस तरह के एहतियात बरतें जाएं तो गर्मी से बचाव संभव हो सकता है। इससे सेहत तो दुरुस्त रहती ही है इसके अलावा गर्मी में होने वाली बीमारियों से भी काफी हद तक राहत पायी जा सकती है।
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर 

#चिलचिलाती गर्मी से यूं बचें