ज़िला शिमला पुलिस का नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान जारी 

शिमला, 11 जुलाई (मनीष शारदा) - ज़िला शिमला पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज जिले के विभिन्न पुलिस थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को चिट्टा एवं अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा नशामुक्त जिला बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना है।

थाना न्यू शिमला क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खलीणी (GSSS Khalini) में प्रभारी थाना एवं पुलिस कर्मचारियों द्वारा लगभग 100–120 विद्यार्थियों को चिट्टा एवं अन्य नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने नशे के विरुद्ध सामूहिक अभियान चलाने का संकल्प लिया। थाना सदर शिमला द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी (GSSS Lalpani) में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 200–250 विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, बचाव के उपाय तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने एवं दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली।

थाना चिढ़गांव क्षेत्र में तहसील कार्यालय चिढ़गांव के सम्मेलन कक्ष में नशा निवारण समिति के अंतर्गत एंटी-ड्रग जागरूकता कार्यक्रम एवं शपथ समारोह आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 100 पंचायत प्रतिनिधियों, महिला मंडल सदस्यों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त GSSS चिढ़गांव (सुंडा) में 175 विद्यार्थियों एवं स्टाफ को NDPS अधिनियम की प्रमुख धाराओं, नशे के दुष्प्रभावों एवं कानूनी परिणामों से अवगत कराया गया तथा अंत में सभी ने एंटी-ड्रग शपथ ली।
थाना झाकड़ी क्षेत्र की चिन्हित रेड पंचायतों—झाकड़ी, शाहधार रंगोरी एवं बौण्डा में विशेष बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में पंचायत प्रतिनिधियों, महिला एवं युवक मंडलों, नशा निवारण समितियों तथा स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। बैठक में नशे की रोकथाम, सामुदायिक सहयोग एवं सूचना साझा करने पर चर्चा की गई तथा सभी ने अपनी पंचायतों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
थाना सुन्नी क्षेत्र में रेड जोन घोषित नगर पंचायत सुन्नी एवं ग्राम पंचायत बसंतपुर में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। पंचायत प्रतिनिधियों, महिला एवं युवक मंडलों, समाजसेवियों तथा GSSS सुन्नी-बसंतपुर के शिक्षकों ने भाग लिया। बैठक में चिट्टा के बढ़ते खतरे, जनजागरूकता तथा पुलिस एवं समाज के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।

थाना देहा द्वारा GSSS देहा में लगभग 100–110 विद्यार्थियों को चिट्टा एवं अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों, पुलिस हेल्पलाइन, साइबर अपराधों से बचाव तथा सड़क सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
थाना संजौली द्वारा GSSS संजौली में लगभग 180–200 विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, पुलिस हेल्पलाइन, साइबर अपराधों से बचाव, सड़क सुरक्षा एवं अनुशासन संबंधी विषयों पर विस्तृत जागरूकता व्याख्यान दिया गया।

थाना बालूगंज (वेस्ट) द्वारा वार्ड नम्बर-6, टूटू स्थित पार्षद कार्यालय में जागरूकता बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्षद, व्यापार मंडल, विभिन्न मंदिर समितियों, गौशाला समिति, महिला मंडल एवं अन्य स्थानीय संगठनों सहित लगभग 30–35 लोगों ने भाग लिया। बैठक में सभी उपस्थित लोगों ने चिट्टा उन्मूलन अभियान में पुलिस का सक्रिय सहयोग करने का आश्वासन दिया।

थाना छोटा शिमला (ईस्ट) द्वारा GSSS संजौली में लगभग 120 विद्यार्थियों एवं 40 शिक्षकों/अन्य प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभाव, नशामुक्त समाज के निर्माण, साइबर अपराध जागरूकता तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के संबंध में जागरूक किया गया।

आज आयोजित इन सभी कार्यक्रमों में सैकड़ों विद्यार्थियों, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा नशे के विरुद्ध सक्रिय जनभागीदारी का संकल्प लिया।

ज़िला शिमला पुलिस नशे के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता एवं युवाओं के मार्गदर्शन के माध्यम से नशामुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है।

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