आओ अंडे को बाउंस कराना सीखें

बच्चो! आप सब रबर की गेंद से तो खेलते ही हैं। जब आप रबर की गेंद को ज़मीन में मारते हैं तो वह उछलती है यानी बाउंस करती है। है न? लेकिन मेरा सवाल इससे एकदम अलग है। क्या आप अंडे को भी रबर की गेंद की तरह बाउंस करा सकते हैं?
‘मैडम, यह कैसे हो सकता है। अगर हम अंडे को बाउंस कराने की कोशिश करेंगे तो वह फट जायेगा।’
‘तुम्हारी बात सही है, लेकिन एक साधारण प्रयोग से अंडे को बाउंस कराया जा सकता है। आपको अंडे को बाउंस कराने में न सिर्फ आनंद आयेगा बल्कि आश्चर्य भी होगा कि यह कैसे हुआ।’
‘तो क्या यह प्रयोग फिजिक्स का है?’
‘नहीं। केमिस्ट्री यानी रसायनशास्त्र से इसका संबंध है।’ 
‘इस प्रयोग के लिए हमें किन चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी?’
हमें सिर्फ तीन चीज़ें चाहिए होंगी- अंडा, जार और सिरका।
इन चीज़ों को एकत्र करने के बाद हमें सबसे पहला यह काम करना है कि जार के अंदर इतनी मात्रा में सिरका डालना है कि अंडा उसमें पूरी तरह से डूब जाये।
इसके बाद अंडा जार में डालने के बाद जार को उसके ढकने से बंद कर देना है। 
अब बाउंसी अंडा तैयार होने के लिए आपको 3-4 दिन रुकना होगा। इस दौरान आप देखोगे कि अंडा का सख्त खोल अपने आप उतरना शुरू हो जायेगा। आप अपने बाउंसी अंडे की प्रगति को देखते रहें। 
जब खोल पूरी तरह से उतर जायेगा तो आपको अंडा वैसा प्रतीत होगा जैसा आप उबला हुआ अंडा नाश्ते में खाते हैं। अंडे को जार से बाहर निकाल लें। अब समय आ गया है कि आप अंडे से रबर की गेंद की तरह खेलें। अंडे को मेज़ पर 3-5 इंच ऊपर से छोड़ें। क्या होगा? अंडा रबर की गेंद की तरह बाउंस करेगा।
अगर आप अंडे को इससे अधिक ऊंचाई से छोड़ेंगे तो क्या होगा? बाउंसी अंडा फट जायेगा। वैसे आप मुर्गी के अंडे के अतिरिक्त अन्य अंडों से भी यह प्रयोग कर सकते हैं, जैसे बटेर का छोटा अंडा। सिरके में अगर आप कोई फूड कलर डाल देंगे तो आपको रंगीन बाउंसी अंडा मिलेगा, जिससे खेलने में अतिरिक्त मज़ा आयेगा। 
अंडे का छिलका कैल्शियम कार्बोनेट से बना होता है। जब आप अंडे को सिरके (एसेटिक एसिड) में डालते हैं तो अम्ल छिलके के कैल्शियम के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया करता है। इससे कार्बन डाईऑक्साइड गैस बनती है (जो बुलबुले के रूप में दिखती है) और कैल्शियम घुल जाता है। अंत में केवल ‘रबर का अंडा’ बचता है जो रबर की गेंद की तरह उछल या बाउंस कर सकता है।
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर 

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