चिंताजनक है नशों का प्रचलन
पंजाब का नाम अकसर नशों के फैले प्रचलन से जोड़ा जाता है परन्तु यह समस्या देश की ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहद गम्भीर बनी हुई है। दुनिया भर में इस काले धंधे के साथ खतरनाक माफिया जुड़े हुए हैं जो अरबों-खरबों का काला कारोबार चला रहे हैं। इन्हें सरकारों की भी हाथ डालने की हिम्मत नहीं पड़ती, क्योंकि यह बेहद खतरनाक और ताकतवर हो चुके हैं। इनका प्रसार दुनियाभर में फैला हुआ है। अफ्रीका के दयनीय हालत में रह रहे देशों से लेकर कनाडा और अमरीका जैसे विकसित देश भी इनका शिकार बने नज़र आते हैं।
चाहे उन देशों में ऐसे कारोबार करने वालों को सख्त सज़ाएं भी दी जाती हैं और कानूनी तौर पर भी इस संबंधी कार्रवाईयों को और प्रभावशाली बनाया गया है परन्तु इसके बावजूद यह प्रचलन लगातार जारी है। पंजाब की इससे जुड़ी एक बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर नशे अफगानिस्तान से होते हुए पाकिस्तान पहुंचते हैं और वहां से इनको प्रत्येक ढंग-तरीका अपनाकर बड़ी खेप के रूप में भारत लाया जाता है। जहां से यह खेप देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों को भी भेजी जाती है। पंजाब में तो नशीले पदार्थों के भारी मात्रा में आने के कारण बहुसंख्यक नौजवानों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है परन्तु पूरे देशभर में फैला यह प्रचलन जहां जवानी के लिए दीमक का काम कर रहा है वहीं केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए भी एक गम्भीर चुनौती बना हुआ है। इसको भांपते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को इस नकारात्मक अमल से नौजवानों को सुचेत करना पड़ा है। उन्होंने अपने सम्बोधन में युवाओं को नशे के खिलाफ संकल्प लेने की अपील की है। इसलिए उन्होंने आगामी वर्षों में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ शुरू करने के लिए योजनाबंदी की है। लोगों की देशव्यापी भागीदारी से चलने वाले इस कार्यक्रम की रूपरेखा भी तैयार की गई है। श्री मोदी ने कहा है कि नशा देश के भविष्य के लिए एक गम्भीर चुनौती है, जिसके खिलाफ लोगों की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को खेलों, योगा तथा अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ कर नशे से दूर रखने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने युवाओं को नशा मुक्त भारत बनाने के मिशन में सक्रियता से भाग लेने के लिए प्रेरित किया है।
इस गम्भीर मामले के संबंध में पंजाब सरकार ने भी गत वर्ष से नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ नामक एक योजना के तहत प्रदेश में नशे को खत्म करने के लिए अभियान की घोषणा की हुई है। इसके लिए उन्होंने गांवों तथा वार्डों की 13,000 समितियां बनाकर एक लाख से अधिक कार्यकर्ता तैयार किए हैं, जिन्हें इस अभियान के लिए सक्रिय किया गया है। इस संबंध में सरकार द्वारा मुल्लांपुर दाखा में ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान का राज्य स्तरीय मूल्यांकन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस प्रमुख द्वारा इस योजना के तहत अब तक किए गए सभी कार्यों का विवरण पेश किया गया। इस समूची गतिविधि को हम सरकार द्वारा उठाया गया एक बड़ा क्रियात्मक कदम समझते हैं और विगत समय में उसकी ओर से किए गए इस क्षेत्र में कार्यों पर संतुष्टि व्यक्त करते हैं, परन्तु यह समस्या इस सीमा तक गम्भीर हो चुकी है कि इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार को आगामी समय में भी लगातार सक्रियता दिखानी होगी। यह कार्रवाइयां यदि धरातल पर हालात बदलने में सफल होती हैं तो यह सरकार की एक बड़ी सफलता मानी जाएगी और इससे स्वस्थ पंजाब के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए आगे बढ़ा जा सकेगा।
—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

