राम मंदिर चंदा चोरी पर सीएम योगी बोले-साधु-संत दोषी नहीं, विपक्ष का आचरण सनातन विरोधी

लखनऊ, 4 अगस्त - सदन से निकलकर सीएम योगी ने पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि मामले में एसआईटी गठित की गई। कैमरे में जो लोग दिखे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जांच के बीच एससी ने एसआईटी के पुनर्गठन की बात कही। एसआईटी जांच में कोई भी साधु संत दोषी नहीं मिले। ऐसे में साधु संतों और 1100 कर्मचारियों पर आक्षेप लगाना बड़ी आश्चर्य की बात है। ये आरोप वो सपा और कांग्रेस लगा रही है, जिन्होंने सदैव रामजन्मभूमि और भगवान राम का अपमान किया है। 

उन्होंने कहा कि एक समय में सपा ने पवित्र सरयू नदी को रक्तरंजित किया था। संसद के अंदर सपा और कांग्रेस के सांसदों द्वारा जो आक्षेप किए गए, वो सीधे सीधे सनातन का अपमान था। इनका आचरण सनातन विरोधी है। इस प्रकरण में जो लोग भी पकड़े गए हैं, उनका भाजपा और साधु संतों से कोई लेना देना नहीं है। इन लोगों ने सदैव राम मंदिर का विरोध किया। ये वही लोग हैं जो 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण के बाद भी नहीं गए। आस्था की चर्चा वो लोग कर रहे हैं, जो लोग हिंदुओं और सनातन परंपरा को हमेशा कटघरे में खड़ा करते रहे हैं। ये लोग चर्चा से भागना चाह रहे हैं। 

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