'छात्रों की भावनाएं महत्वपूर्ण': BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने मांगी माफी
नई दिल्ली, 15 अगस्त - बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने एनएएलएसएआर विवाद के बीच कानून छात्रों से माफी मांगी है। स्वतंत्रता दिवस पर जारी तीन पन्नों के पत्र में मिश्रा ने कहा कि अगर उनके किसी शब्द या विवाद से जुड़ी किसी चिट्ठी से कानून छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका खेद है। उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी।
मनन कुमार मिश्रा ने पत्र में कहा कि अगर मौजूदा विवाद से जुड़ी उनकी किसी बात या पत्र से कानून छात्रों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वह इसके लिए ईमानदारी से खेद जताते हैं और माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कहने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए। मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि खेद जताना प्रतिष्ठा या अहंकार का सवाल नहीं है। यह सिर्फ इस बात को स्वीकार करना है कि छात्रों की भावनाएं और उनकी चिंताएं महत्वपूर्ण हैं। पत्र में उन्होंने किसी विश्वविद्यालय का नाम नहीं लिया और न ही सीधे तौर पर मौजूदा विवाद का जिक्र किया।
यह पत्र एनएएलएसएआर और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू), बंगलूरू के छात्रों की आलोचना के बाद आया है। विवाद तब बढ़ा था, जब बीसीआई ने एनएएलएसएआर के 2026 बैच के पूरे बैच का नामांकन रोकने का निर्देश दिया था। दरअसल, कुछ छात्रों ने दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की भागीदारी पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद बीसीआई चेयरपर्सन की कार्रवाई पर सवाल उठे।

