कुलदीप शर्मा और हुड्डा समर्थकों के बीच तेज़ हुई जुबानी जंग
हरियाणा कांग्रेस में पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा और हुड्डा समर्थकों के बीच आजकल जुबानी जंग तेज हो गई है। किसी समय कुलदीप शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के बीच बहुत गहरी दोस्ती थी। कुलदीप शर्मा के पिता चिरंजी लाल शर्मा करनाल से चार बार सांसद रहे थे। कुलदीप शर्मा को जब 2004 में कांग्रेस टिकट नहीं मिली तो उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा तो उन्हें कांग्रेस ने छह साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया। 2005 में जब भूपेंद्र हुड्डा मुख्यमंत्री बने तो वे कुलदीप शर्मा को वापस कांग्रेस में लेकर आए थे। 2007 में कुलदीप शर्मा को कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनवाया और 2009 में गन्नौर से कांग्रेस टिकट पर विधायक बनवाने और पहली बार विधायक बनने के बावजूद उन्हें हरियाणा विधानसभा का स्पीकर बनाने में भूपेंद्र हुड्डा की मुख्य भूमिका थी।
राजनीतिक गलियारों में कभी भूपेंद्र हुड्डा, कुलदीप शर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की दोस्ती की खूब चर्चा हुआ करती थी। विनोद शर्मा भी भूपेंद्र हुड्डा सरकार में केबिनेट मंत्री रहे। इस समय विनोद शर्मा और कुलदीप शर्मा आपस में समधी हैं। विनोद शर्मा का परिवार भाजपा में है और विनोद शर्मा का बेटा कार्तिकेय शर्मा भाजपा समर्थित राज्यसभा सांसद है और पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा का दामाद है। विनोद शर्मा की पत्नी शक्ति रानी शर्मा कालका से भाजपा विधायक हैं। विनोद शर्मा और भूपेंद्र हुड्डा के बीच तो काफी समय पहले ही राजनीतिक दूरी बन गई थी, लेकिन कुलदीप शर्मा और भूपेंद्र हुड्डा के बीच दोस्ती बरकरार रही। हुड्डा और कुलदीप के बीच मतभेद की शुरुआत 2024 में तब हुई जब कुलदीप शर्मा अपने बेटे चाणक्य को करनाल से कांग्रेस की टिकट दिलवाना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया की संस्तुति से टिकट युवा नेता दिव्यांशु बुद्धिराजा को मिल गई। दिव्यांशु बुद्धिराजा की गिनती सांसद दीपेंद्र हुड्डा के करीबी लोगों में होती है। इससे कुलदीप शर्मा की हुड्डा परिवार से नाराजगी बढ़ गई। पिछले दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे पूर्व आईएएस अधिकारी बृजेंद्र सिंह की पदयात्रा में कुलदीप शर्मा जब नजर आए थे, तो कुलदीप शर्मा और हुड्डा परिवार की नाराजगी जगजाहिर हो गई थी।
खड़गे को लिखा पत्र
अब ताजा विवाद तब बढ़ा जब कुलदीप शर्मा को लेकर पिछले दिनों यह अफवाह फैलाई जाने लगी कि वह कांग्रेस छोड़ने जा रहे हैं। इसको लेकर कुलदीप शर्मा की एक फेसबुक पोस्ट ने धमाल मचा दिया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि कुलदीप शर्मा कांग्रेस छोड़ता नहीं, छुड़वाया करता है। कुलदीप शर्मा समर्थकों का कहना था कि इस तरह की अफवाहों के पीछे हुड्डा समर्थकों का हाथ है। कुलदीप शर्मा का यह ब्यान इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि कुलदीप शर्मा ने पिछले सप्ताह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिख कर रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य पद से हटाने की मांग की थी। कांग्रेस कार्य समिति से हटाने की मांग के पीछे उन्होंने दीपेंद्र्र हुड्डा द्वारा 1984 के सिख दंगों के आरोपी दिवंगत पूर्व सांसद सज्जन कुमार की मौत पर दीपेंद्र द्वारा की गई तारीफ वाले ब्यान को आधार बनाया था। सज्जन कुमार की तारीफ करके दीपेंद्र हुड्डा ऐसे फंसे कि उन्हें न सिर्फ अपना ब्यान वापिस लेना पड़ा बल्कि उस पर खेद जताते हुए सफाई भी देनी पड़ी कि उन्होंने सज्जन कुमार को कभी भी रोल मॉडल नहीं बताया। दीपेंद्र जहां एक तरफ विरोधियों के निशाने पर आ गए बल्कि उनकी अपनी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भी उन पर तीखे हमले किए।
हुड्डा समर्थकों के हमले
अब कुलदीप शर्मा द्वारा दीपेंद्र हुड्डा पर किए गए राजनीतिक हमले के बाद हुड्डा समर्थकों ने भी सीधे हमले शुरू कर दिए हैं। हुड्डा खेमे का कहना है कि जब दीपेंद्र हुड्डा ने अपनी बात पर खेद जता दिया है और माफी मांग ली है तो इसके बाद मामले को आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं थी। हुड्डा समर्थक सोनीपत के सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कुलदीप शर्मा की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि कुलदीप शर्मा एक समय भूपेंद्र सिंह हुड्डा को अपना भगवान मानते थे और अब उनके व्यक्तिगत स्वार्थ पूरे न होने पर उसने हुड्डा परिवार के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है।
सोनीपत सांसद ने कहा कि जब कुलदीप राजनीति में हाशिए पर थे, तब हुड्डा उन्हें घर से लेकर आए और विधायक बनाने के साथ-साथ पार्टी व सरकार में नंबर दो तक का स्थान दिया। उधर हुड्डा समर्थक फरीदाबाद एनआईटी के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने कुलदीप के राजनीतिक अतीत और पारिवारिक रिश्तों तक को निशाने पर ले लिया। नीरज शर्मा ने कहा कि जो व्यक्ति अपने परिवार का सगा नहीं, वह दूसरों का क्या सगा होगा। नीरज शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि कुलदीप शर्मा ने अपने पिता के साथ ही धोखा किया। उन्होंने यह भी कहा कि कुलदीप पुत्र मोह में धृतराष्ट्र होते जा रहे हैं। उन्होंने कुलदीप पर कई और भी गंभीर आरोप लगाए।
आरोपों की बौछार
बादली के विधायक कुलदीप वत्स ने कुलदीप शर्मा पर हमला बोलते हुए सबसे पहले चिट्ठी के भाजपा तक पहुंचने तक सवाल खड़ा किया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले यह पता लगाया जाना चाहिए कि कांग्रेस अध्यक्ष को लिखी गई चिट्ठी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के पास कैसे पहुंच गई। वत्स ने राहुल गांधी से मांग की कि कांग्रेस में ऐसे लोगों की पहचान की जाए, जो भाजपा से मिले हुए हैं और भाजपा की ही भाषा बोलते हैं। इसके अलावा हिसार के सांसद जयप्रकाश ने भी दीपेंद्र हुड्डा का बचाव करते हुए कहा कि जब दीपेंद्र ने अपनी बात वापिस लेकर माफी मांग ली है, तो फिर अब विवाद का कोई आधार नहीं बचता। उन्होंने कुलदीप शर्मा पर कहा कि वे कभी किसी के सगे नहीं हो सकते। जिस परिवार ने उन्हें सम्मान दिया, उसी के विरुद्ध वे मोर्चा खोल कर खड़े हो गए।
इन सब आरोपों के बीच कुलदीप शर्मा ने भी अपना पक्ष रखा। कुलदीप शर्मा ने कहा कि अगर कोई उनके खिलाफ दूसरे नेताओं से हमले करवाएंगे, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। इसी बीच हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने दीपेंद्र हुड्डा का बचाव करते हुए कुलदीप शर्मा को भी सलाह दी कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखे पत्र को सार्वजनिक करने से पहले उन्हें सोचना चाहिए था।
सम्मानित हुए खिलाड़ी
हरियाणा सरकार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के हरियाणा से संबंधित पदक विजेता व प्रतिभागी खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय समारोह में नगद पुरस्कार देकर हाथों-हाथ सम्मानित कर दिया है। 26 अगस्त को पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के खेल मंत्री गौरव गौतम ने की। हरियाणा के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपए, रजत पदक विजेता खिलाड़ियों को 75-75 लाख रुपए और कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए नगद पुरस्कार राशि दी गई। इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने वाले प्रदेश के अन्य सभी खिलाड़ियों को भी साढ़े सात लाख रुपए प्रति खिलाड़ी नगद पुरस्कार राशि दी गई। हरियाणा के सात खिलाड़ियों शर्मिला धनकर, प्रीति पवार, जैस्मीन लेंबोरिया, साक्षी चौधरी, सचिन सिवाच, प्रिया घनघस व अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक हासिल किए थे, जबकि नीरज चोपड़ा और नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक और सीमा कालीरमन और यशवीर सिंह ने कांस्य पदक हासिल किए थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक विजेता व प्रतिभागी खिलाड़ियों को प्रदेश सरकार ने 13.97 करोड़ रुपए के नगद पुरस्कार दिए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खिलाड़ियों से भविष्य में ओलंपिक, एशियन गेम्स व अगली कॉमनवैल्थ खेलों में और ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अभी से सभी तैयारियां करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार खेलों और खिलाड़ियों के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने देगी।
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