150 बीघा जमीन नदी में समाई: अब गांव की आबादी की ओर बढ़ी रामगंगा और बहगुल

जलालाबाद, 4 सितंबर - रामगंगा और बहगुल नदियां तटीय गांव कसारी में उपजाऊ जमीन काटती हुई अब तेजी से गांव की आबादी की तरफ बढ़ रही हैं। करीब एक हफ्ते से जारी भूमि के कटान से अब तक गांव के करीब 10-12 किसानों की करीब 150 बीघा जमीनें फसलों समेत कटकर नदियों में समा चुकी है। गत गुरुवार से नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से गांव के लोग बेहद परेशान हैं।
 
जिन किसानों के खेत नदियों के बिल्कुल पास कटान वाली स्थिति में पहुंच गए हैं, वह कड़ी मेहनत और काफी लागत लगाकर तैयार की गई फसलें काटकर जानवरों को खिलाने के लिए मजबूर हैं। हालांकि, नदियों के पानी का फैलाव बाहर नहीं होने से आसपास के अन्य गांव और वहां की फसलें अभी सुरक्षित हैं, लेकिन 20 दिन पहले नदी का रुख बदलने के बाद से कसारी गांव का क्षेत्र कटान की जद में आ गया है।

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